Ad

style="width:640px;height:100px;" alt="ads" /> ads

Breaking News

खराब रास्ता और गंदगी से त्रस्त ग्रामीण


...रिपोर्ट - रत्नम चौरसिया, एडवोकेट।
पुरवा/उन्नाव।  विकास से कोसों दूर है जमूरपुर का मजरा पतेहर व नया खेड़ा। प्रधानमंत्री सड़क योजना का लाभ भी नहीं मिला। जिसके कारण ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
प्राप्त विवरण के अनुसार विकास खण्ड पुरवा की ग्राम पंचायत जमूरपुर के मजरे पतेहर व नयाखेड़ा के निवासी बदहाली का शिकार है। यहां का सम्पर्क मार्ग खस्ताहाल है। नया खेड़ा से पतेहर तक लगभग 700मीटर की दूरी तय करने में नाकों चने चबाने पड़ेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात में तो कोई भी राहगीर निकल ही नहीं सकता। छोटे-छोटे वाहन खराब रास्ते के कारण निकल नहीं पाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खस्ताहाल सड़क के कारण बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ने नहीं जा पाते और काम काज के लिए यहां के निवासी बाहर नहीं जा पाते। पतेहर में लगभग 100घर है और उनकी आबादी लगभग 700 होगी। लेकिन दुर्भाग्य यह है कि आजतक इनके आवागमन हेतु शुद्ध मार्ग भी नहीं बन पाया। ग्रामीणों का कहना है कि यहां की पोलिंग बूथ पर हमेशा भाजपा को सर्वाधिक मत प्राप्त होते हैं। प्रदेश व केंद्र में भाजपा सरकार होने के बाद भी इन ग्रामीणों का भाग्योदय नहीं हुआ। इससे यहां के निवासियों में रोष व्याप्त है। साथ ही इस गांव में सफाई कर्मचारी भी लापरवाह है। प्रधानमंत्री जी स्वच्छता अभियान चला रहे हैं पर धरातल पर स्थिति बेहद शर्मनाक है। गांव वालों का तो यहां तक कहना है कि इस विषम परिस्थितियों के कारण गांव रिश्तेदार तक आना पसंद नहीं करते हैं। इस सम्बन्ध में जब प्रधान प्रतिनिधि छोटे सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि सड़क इस बार कार्य योजना में डाली गई है और बहुत जल्द बन जाएगी। उन्होंने बताया कि कई बार उन्होंने सीसी रोड़ का भी प्रयास किया किन्तु जनप्रतिनिधियों ने ध्यान नहीं दिया। इसके अलावा तिलोकपुर से श्रीरामखेड़ा, तिलोकपुर से देवमई वाया जुगराजपुर, दीनाखेड़ा मोड़ से गोपालखेड़ा आदि गावों की हालत भी जर्जर व चिंताजनक है। इन गांवों के मार्गों की दुर्दशा से ग्रामवासियों का विकास भी अवरुद्ध है। दुखद यह है कि प्रदेश व केंद्र की सरकारें भी विकास का दावा तो कर रही हैं पर धरातलीय हकीकत कुछ और ही है।

No comments