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सड़क में गड्ढे या गड्ढों में सड़क पता ही नहीं चलता


...रिपोर्ट- रत्नम चौरसिया,एडवोकेट।
पुरवा/उन्नाव। क्षेत्र की तहसील मुख्यालय से राजधानी की ओर जाने वाला पुरवा सोहरामऊ राजमार्ग अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। इस पर से गुजरने वाले राहगीरों का बुरा हाल है।
प्रदेश की योगी सरकार का सड़कों को गड्ढामुक्त करने का दावा सिर्फ और सिर्फ हवा हवाई ही नजर आ रहा है। पुरवा के मिर्री चौराहा से सोहरामऊ  व बनी पुल को जोड़ने वाला यह प्रमुख मार्ग है। इस रास्ते से हजारों की तादाद में प्रतिदिन राहगीर गुजरते हैं। छात्र, व्यापारी, कर्मचारी, मजदूर व किसान सभी इसी रास्ते से पुरवा अपने अपने कार्यों से आते-जाते हैं। पर खस्ताहाल सड़क के कारण दुर्घटना की सम्भावना होने के साथ-साथ विलम्ब से भी अपने गंतव्य स्थल की ओर बमुश्किल पहुंच पाते हैं। लगभग बीस किलोमीटर की दूरी तय करने में ही घण्टों समय बरबाद होता है और वाहन भी जर्जर हो रहे हैं। इस मार्ग से जुड़े सैकड़ों गांव बसे हुए हैं, जिनके ग्रामीणों का प्रतिदिन पुरवा आना जाना रहता है। राहगीरों की माने तो बीते एक वर्ष में सड़क के गड्ढे भी नहीं भरे गये। 
पुरवा से मौरावां व कालूखेड़ा मार्ग पहले से ही खस्ताहाल है। राजधानी जाने के लिए इस क्षेत्र के लोग प्रायः पुरवा-सोहरामऊ मार्ग को ही चुनते हैं किन्तु गड्ढों से भरे इस मार्ग पर अब चलना खतरे से खाली नहीं है। पता ही नही चलता कि सड़क में गड्ढे है या गड्ढों में सड़क है। प्रदेश सरकार के विकास करने के दावे खोखले साबित होते नजर आ रहे हैं।

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