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पाम आयल का आयात घटा

डेस्क। बात भले ही चौकाने वाली हो पर यह सच है कि देश में पाम आयल का आयात घटा है। वर्ष की शुरूआती माह जनवरी में इसका आयात 2.31 फीसदी गिरकर 8,15,236 टन हो गया। वहीं यदि साल्वेंट उद्योग के ताजा आंकड़ों पर विश्वास किया जाए तो साल्वेटंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने आने वाले महीनों में मलेशिया से आरबीडी पामोलीन का आयात बढ़ने की उम्मीद जताई है। इसका कारण है कि हाल में शुल्क में कमी से क्रूड पाम आयल आयल और आरबीडी पाम आयल के बीच आयात शुल्क का फर्क कम हो गया है। बताते चले कि भारत वनस्पति तेलों का सबसे बड़ा आयातक है। जनवरी 2018 में 8,34,444 टन पाम आयल का आयात हुआ था। इस साल जनवरी में देश का कुल वनस्पति तेल आयात सालाना आधार पर तीन फीसदी घटकर 12.75 लाख टन रहा. एक साल पहले की समान अवधि में यह 12.91 लाख टन था। गौरतलब हो कि आयातित वनस्पति तेलों में पाम आयल का अनुपात 60 फीसदी से अधिक रहता है। पाम आयल पर आयात शुल्क कम होने से खासकर मलेशिया से इसका आयात बढ़ा है। हाल में शुल्कों में कटौती से कच्चे पाम तेल और आरबीडी पाम तेल के बीच शुल्क का अंतर मात्र 5 फीसदी रह गया है। पहले आरबीड पाम तेल के बीच शुल्क का अंतर मात्र 5 फीसदी रह गया है।  पहले आरबीडी पाम आयल पर शुल्क कच्चे पाम आयल की तुलना में 10 फीसदी अधिक था।

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