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मेंथा ऑयल की एक्पोर्ट व घरेलू मांग पर असर, भाव में उतार चढ़ाव

डेस्क। मेंथा ऑयल की कीमतों में हल्की तेजी बुधवार को देखने को भली मिली हो, लेकिन बाजार भाव में लगातार उतार चढ़ाव हैरान कर देने वाला है। बुधवार के शुरुआती कारोबार में कमोडिटी एक्सचेंज पर मेंथा ऑयल का फरवरी कॉन्ट्रैक्ट 6.10 रुपये या 0.39 फीसदी की तेजी के साथ 1587.50 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।  यदि बाजार विशेषज्ञों की माने तो तकनीकी तौर पर देंखे तो पिछले कुछ दिनों से मेंथा ऑयल का भाव 1600 रुपये के ऊपर टिक नहीं पा रहा है। उनका कहना है कि मेंथा ऑयल की एक्सपोर्ट और घरेलू मांग काफी कमजोर बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों को 1590-1595 रुपये के स्तर पर बिकवाली करनी चाहिए. अगले 2-3 कारोबारी सत्रों में भाव 1540 रुपये प्रति किलोग्राम तक लुढ़क सकते हैं। हालांकि मेंथा का बुआई सीजन शुरू हो चुका है। लेकिन उत्पादक क्षेत्रों में खराब मौसम (ठंड बढ़ने ) के चलते बुआई काफी धीमी है। इस वजह से भाव में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। उनका कहना है कि निवेशकों को 1590-1600 रुपये के भाव पर बिकवाली की सलाह दे रहे है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार एमसीएक्स मेंथा ऑयल में मौजूदा भाव के आसपास बिकवाली करनी चाहिए। 1650 रुपये के भाव पर स्टॉपलास रखते हुए अगले 40-45 कारोबारी सत्रों में 1370- 1380 रुपये प्रति किलोग्राम का लक्ष्य रखना चाहिए। रेलीगेयर की यह कारोबारी रणनीति मार्च वायदा के लिए है। वहीं बाजार समीकरणों के मुताबिक मेंथा ऑयल का नया सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में कारोबारियों का रुझान पुराने स्टॉक से घट रहा है। इसे देखते हुए आगे गिरावट के संकेत दिख रहे हैं।
बताते चले कि मेंथा का नया सीजन शुरू हो चुका है। आमतौर पर फरवरी के पहले हफ्ते के आसपास मेंथा की बुआई शुरू हो जाती है। गौरतलब हो कि मेंथा की सबसे ज्यादा पैदावार यूपी में होती है। देश में होने वाले कुल मेंथा ऑयल के उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी करीब 80 फीसदी है। पश्चिमी यूपी के जिले संभल, रामपुर, चंदौसी मेंथा उत्पादक बड़े क्षेत्र हैं। जबकि लखनऊ के पास बाराबंकी जिला भी मेंथा ऑयल का प्रमुख उत्पादक क्षेत्र है।

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