Ad

style="width:640px;height:100px;" alt="ads" /> ads

Breaking News

किरण बेदी की अनदेखी के बाद पुडुचेंरी में आया भूचाल, मुख्यमंत्री दो दिन से धरने पर

डेस्क। पुडुचेरी में इस समय राज्यपाल की अनदेखी करने व अनावश्यक तौर पर बिल को लटकाने व राज्य से बाहर की यात्रा पर निकलना शायद उन पर भारी पड़ने वाला है। वहीं राज्य में हेलमेट को लेकर एक नई जंग छिड़ गई है और नतीजा कुछ ऐसा है कि राज्य के मुख्यमंत्री राजभवन के बाहर दो दिन से धरने पर बैठे हैं। खबरों के अनुसार राज्यपाल ने इस मामले में सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने मुख्यमंत्री को मिलने के लिए समय दिया है लेकिन वो फिर भी धरने पर ही बैठे हैं। राज्य के मुख्यमंत्री नारायणसामी और उनके समर्थक बीते बुधवार से धरने पर बैठे हैं और उनके इस धरने को डीएमके चीफ एमके स्टालिन का भी समर्थन मिल गया है। दूसरी तरफ पुडुचेरी की उपराज्‍यपाल किरण बेदी ने सफाई देते हुए कहा है कि ’मुख्‍यमंत्री ने उन्‍हें 7 फरवरी को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्‍होंने 36 मुद्दों की ओर ध्‍यान आकर्षित कराया था। इनमें से कुछ मुद्दे तो थे ही नहीं। मुझे मुख्‍यमंत्री का ये पत्र 8 फरवरी को मिला। वहीं बीते बुधवार को सीएम नारायणसामी धरने पर यह कहते हुए बैठ गए हैं कि उनकी मांगों को लेकर कोई जवाब नहीं दिया गया है। इस पत्र में उन्‍होंने कहीं भी ये जिक्र नहीं किया था कि अगर जवाब नहीं दिया गया, तो वह 13 फरवरी को धरने पर बैठ जाएंगे। मैंने उन्‍हें पत्र के जवाब में बताया था कि मैं आज से टूर पर हूं और 20 फरवरी को लौटूंगी। इसलिए मैंने उन्‍हें मिलने के लिए 21 फरवरी सुबह 10 बजे का समय दिया था।
उधर स्‍टालिन गुरुवार को नारायणसामी से मिले और उनके साथ खड़े होने की बात कह कर राज्य में भूचाल ला दिया। दरअसल, सीएम नारायणसामी की मांग है कि मुफ्त चावल बांटने की योजना सहित 39 सरकारी प्रस्‍तावों को उपराज्‍यपाल मंजूरी दें, जिन्‍हें कथित तौर पर किरण बेदी ने अनायश्यक तौर पर लटका रखा है। जिसके बाद राज्य में विरोध शुरू हो गया है। इन मांगों को लेकर मुख्‍यमंत्री समेत पूरा मंत्रिमंडल राज निवास के बाहर धरना पर दिख रहा है। मुख्यमंत्री वी नारायणसी ने ट्वीट कर कहा है कि कई मुद्दों को लेकर यह धरना दिया जा रहा है। इसमें हेलमेट अनिवार्य किए जाने का फैसला भी शामिल है।

No comments