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पाॅलिसी बोनस के नाम पाॅच सौ से अधिक को शिकार बना चुके गिरोह का खुलासा, मास्टरमाइंड फरार

डेस्क। इंश्योरेंस पॉलिसी पर बोनस दिलाने के नाम पर पाॅच सौ से भी अधिक की ठगी किए जाने के खुलासे के बाद हड़कंप मच गया। यह खुलासा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में हुआ। आरोपियों ने बताया कि उन्होने अब तक 500 से अधिक लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं। वहीं, उनके अनुसार इस तरह के दिल्ली-एनसीआर में इस तरह की 30 से अधिक फर्जी ब्रोकर कंपनी व कॉल सेंटर अभी भी चल रहे हैं। एसटीएफ बेहद गहन छानबीन कर इन फर्जी कंपनियों की सूची तैयार कर रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नोएडा एसटीएफ ने बीते सोमवार को इंश्योरेंस पॉलिसी पर बोनस दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले दो आरोपियों फरीदाबाद निवासी राहुल व राजीव शुक्ला को गिरफ्तार किया था। ये दोनों सेक्टर-3 नोएडा में ब्रोकर कंपनी में काम कर रहे थे। उन पर आरोप था कि उन्होने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग की रिटायर्ड विभागाध्यक्षा डा. शैल कुमार पांडेय से लाखों की ठगी की थी। जिसमें पीड़िता ने इलाहाबाद के जार्ज टाउन थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पूरे मामले की जांच एसटीएफ कर रही थी। जांच के दौरान एसटीएफ को पता चला कि ये शातिर इंश्योरेंस कंपनियों से डिटेल लेकर लोगों को फंसाते हैं। तरह-तरह के प्रलोभन देकर अपने पाले में लेकर उससे बड़ी रकम पार कर लेते है। इसी क्रम मंे इन शातिरों ने बोनस के नाम पर महिला प्रोफेसर को फंसा लिया। उन्होने उसे सिंगल प्रीमियम बताकर टर्म इंश्योरेंस करा दिया। आरोपियों ने कोड के नाम पर लिए पैसों को महिला प्रोफेसर को बोनस दिलाने के नाम पर कई पुरानी पॉलिसी को सरेंडर करा दिया। और नई पॉलिसियां अलग-अलग कंपनियों में खोल दीं। वहीं उन्होने कोड के नाम पर पैसे ऐंठ लिए। जैसे माइक्रो कोड, रीलिसिंग कोड व ट्रांजेक्शन कोड।
एसटीएफ आरोपियों के जरिए मुख्य साजिशकर्ता की धरपकड़ भी शुरू कर दी है। मुख्य साजिशकर्ता रितु कपूर की गिरफ्तारी के लिए दबिश एसटीएफ के एसपी त्रिवेणी सिंह गतिविधि तेज कर दी है। वहंी रितु कपूर का एक साथी फर्जीवाड़ा में अहम भूमिका निभाता है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की टीम कई शहरों में दबिश दे रही है। अब पूरे नेटवर्क की तह जाने के लिए रितू कपूर की गिरफ्तारी अहम भूमिका निभा सकती है।

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