Ad

ads ads

Breaking News

स्कूल संचालक ने की आत्महत्या, भाई ने भी की थी खुदकुशी

टीकमगढ़। जनपद के लिधौरा थाना अंतर्गत नगर लिधौरा में विद्यालय के संचालक ने संदिग्ध हालत में गोली मार कर आत्महत्या कर ली। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सबसे हैरत की बात कि परिजनों को फाय
रिंग की आवाज तक नहीं सुनाई पड़ी। अक्सर आफिस में ही सो जाने वाले युवक को सुबह होने के बाद भी आफिस से न निकलने पर हैरत परिजनों ने जब आफिस का दरवाजा खोला तो उन्हे पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में ले पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं मामले की छानबीन शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार मानवेन्द्र राजपूत निवासी पलेरा का लिधौरा नगर में एक सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल चल रहा है। जहॉ पर वे स्कूल के ऑफिस में बीते 31 दिसम्बर की रात्रि में किसी कार्य को निपटा रहे थे। सुबह जब रात्रि में मानवेन्द्र घर नही लौटा, तो उसकी माँ ने मानवेन्द्र के भाई पुष्पेंद्र को बता कर मानवेन्द्र को देखने भेजा। तो पुष्पेन्द्र ने जाकर बाहर से देखा कि आफिस का दरवाजा अंदर से बंद है। वहीं आफिस में रखे फोन की घन्टी लगातार बज रही है। जिस पर मृतक का भाई पुष्पेंद्र जो पापवनी में एक निजी स्कूल चलाता था उसने स्कूल के ऑफ़िस का  गेट किसी तरह से खोला तो उसके पैरों तले से जमीन ही खिसक गई। मानवेन्द्र की लाश जमीन में नीचे पड़ी हुई थी और पूरे कमरे में खून बिखरा पड़ा था। मृतक के भाई ने घटना की सूचना लिधौरा पुलिस को दी पुलिस ने मौके पर पहुँच कर पंचनामा तैयार कर लाश को पोस्टमार्डम को भेज दिया। जॉच दल ने भी पहुचकर बारीकी से जाँच की।  डॉ प्रदीप यादव ने प्रथम दृष्टया मृतक द्वारा आत्महत्या किए जाने का पता चलता है वहीं पर से एक सुसाईट नोट भी मिला है। जहॉ मृतक ने मरने के पहले लिखा है। अब सुसाईट नोट की राइटिंग की जांच के बाद ही पता चलेगा कि मृतक ने ही लिखा है। वही थाना प्रभारी लिधौरा ने भी घटना में आत्महत्या करना बताया है।   कमरे से 315 बोर के कट्टा(तमंचा) भी बरामद हुआ है। परिचितों के अनुसार मृतक अविवाहित था तथा उसे किसी प्रकार की कोई परेशानी भी नही थी। यदि उसने आत्महत्या की है तो फिर आत्महत्या जैसा कदम उसने क्यों उठाया, यह समझ से परे है।
स्कूली कामकाज खुद देखता था।
पड़ोसियों ने बताया कि मृतक मानवेन्द्र ही स्कूल का सारा कामकाज सँभालता था। और उसे कभी भी परेशान नही देखा गया। वहीं लोगों ने बताया कि मृतक के भाई ने भी कुछ साल पहले गोली मारकर आत्महत्या की  थी।
लगभग 6 माह से लिधौरा में ही रह कर स्कूल  चलाता था। मानवेन्द्र राजपूत स्कूल में ही ऊपर की मंजिल पर अपनी माँ के साथ रहता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना स्थल में छानबीन से पता चलता है कि घटना वाली रात्रि में मानवेन्द्र नीचे स्कूल के ऑफिस में आकर उसने अंदर से गेट बंद कर पहले लोहे की जंजीर से आत्महत्या करने का प्रयास किया है। लेकिन जब वह उसमें असफल रहा तो उसने 315 बोर के कट्टा(तमंचा) से अपने ही सिर में गोली मार कर आत्महत्या कर ली कट्टा(तमंचा) भी स्कूल ऑफिस की टेबल पर डाला पाया गया। आत्महत्या करने के पहले मृतक ने सुसाईट नोट तो लिखा लेकिन आत्महत्या के कारणों का जिक्र नहीं किया।
रिपोर्ट-खूबचन्द्र लोधी

No comments