Ad

ads ads

Breaking News

अपराधी राम रहीम की नीदं गायब, पत्रकार हत्या का आज आ सकता है फैसला

डेस्क। धर्म की आड़ लेकर अपने गोरखधंधे चलाने वाले राम रहीम की नींद गायब हो चुकी है। हो भी क्यां न! आज शुक्रवार के दिन उसके अपराधिक मामलो पर पंचकूला की विशेष सीबीआई कोर्ट पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में किसी भी पल फैसला सुना सकती है। बताते चले कि राम रहीम अभी सुनारिया जेल में कैद है और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उसकी पेशी हो रही है।
 
जानिए क्या है बहुचर्चित पत्रकार छत्रपति हत्याकांड
यह करीब 16 साल पुराना मामला है। साल 2002 में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अपने समय के बेहतर पत्रकारों में से जाने जाने वाले छत्रपति अपने अखबार में डेरा से जुड़ी खबरे छापते थे। डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर किशनलाल, निर्मल और कुलदीप के साथ मिलकर साजिश रच कर छत्रपति की हत्‍या कराने का आरोप है। आरोप है कि बाइक पर आए कुलदीप ने गोली मार कर रामचंद्र प्रजापति की हत्या कर दी थी उसके साथ निर्मल भी था।
छत्रपति की हत्‍या लाइसेंसी रिवाल्‍वर से की गई थी। रामचंद्र की हत्‍या दिनदिहाड़े सिरसा में बीच सड़क पर की गई थी। दोनों आरोपितों कुलदीप और निर्मल को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। छत्रपति ने ही साध्वियों से दुष्‍कर्म के मामले का खुलासा किया था। हालांकि उस समय प्रशासनिक दबाव कहें या फिर कुछ और, छत्रपति की बातों पर जरा सा भी ध्यान नहीं दिया थां।
छत्रपति ने अपने सांध्‍यकालीन समाचार पत्र ’पूरा सच’ में इस संबंध में अनाम साध्‍वी का पत्र प्रकाशित किया था और पूरे मामले का खुलासा किया था। इस मामले में 2003 में एफआईआर दर्ज हुई थी और 2006 में मामला सीबीआइ के सुपुर्द किया गया था। इन साध्वियों से दुष्‍कर्म के मामले में ही गुरमीत राम रहीम सुनारिया जेल में 20 वर्ष कैद की सजा भुगत रहा है।
 
पंजाब-हरियाणा में सुरक्षा को लेकर पुख्ता इंतजाम, लगी धारा 144 लागू
सुनवाई से पहले पंचकूला में सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर दिए गए हैं। प्रांत में धारा 144 लगा दी गई है। जजों की सुरक्षा पर भी खास ध्यान दिया गया है। कोर्ट परिसर में 240 जवान तैनात किए गए हैं। अलग-अलग नाकों पर करीब 1200 सशस्त्र जवान तैनात किए गए हैं। जेल परिसर के आसपास ड्रोन कैमरे और घोड़ा पुलिस के माध्यम से भी सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है। जेल परिसर के आस-पास तथा शहर में कुल आठ नाके बनाए गए हैं, जहां पर छह-छह पुलिसकर्मियों को जांच के लिए तैनात किया गया है।

फैसले को लेकर दहशत में राम रहीम
सुनवाई से पहले राम रहीम तनाव में दिखने लगे है। जेल सूत्रों की माने तो वह न तो समय पर सो पा रहा और न ही खाना खा रहा। तीन दिन पहले मिलने आए परिवार से भी अच्छे ढंग से बात नहीं कर की। सुनारिया जेल में सजा काट रहे गुरमीत से उसके अधिवक्ता गुरदास सिह सलवारा ने गुरुवार को सुनारिया जेल में मुलाकात की और शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होने वाली पेशी को लेकर कुछ जानकारी दी। वरिष्ठ अधिवक्ता सलवारा दोपहर करीब ढाई बजे जेल में पहुंचे। करीब 20 मिनट अधिवक्ता ने बातचीत की। बताया जाता है कि राम रहीम अधिवक्ता से मुलाकात के दौरान काफी मायूस दिखा। मां के सामने नम हो गई थीं आंखें जेल सूत्रों के अनुसार सोमवार को राम रहीम से मिलने उसकी मां नसीब कौर समेत बेटा जसमीत, बेटी अमरप्रीत, बेटी चरणप्रीत व परिवार के सदस्य जेल पहुंचे थे। बात कुछ भी हो पहले से भयभीत रामरहीम के अन्दर भय उसके अपराधों की कहानी गढ़ने के लिए पर्याप्त है।