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नहीं रहे कादर खान, प्रशसकों में शोक की लहर, खास रिपोर्ट

फिल्म अभिनेता दिलीप कुमार के साथ कादर खान
डेस्क/फिल्मी दुनिया। बॉलीवुड एक्टर कादर खान का निधन होने का समाचार फैलते ही उनके प्रंशसकों में शोक की लहर फैल गई है। वे इस समय 81 वर्ष के थे। वे एक लंबे समय से बीमार थे तथा कनाडा के एक अस्पताल में इलाज चल रहा था, जहॉ उनका निधन बीते सोमवार की देर शाम वहीं एक निजी अस्पताल में हो गया। इससे पहले उनके बेटे सरफराज खान ने उनके निधन की खबरों पर लगाम लगाया था और कहा था कि यह सब अफवाह है। लेकिन अब कादर खान के बेटे सरफराज खान ने इस बात की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके पिता कादर खान लंबे समय से बीमार थे और कनाडा में अपने बेटे के साथ रह रहे थे। उनका निधन कनाडा के टाइम के मुताबिक 31 दिसंबर शाम छह बजे उनका निधन हुआ है। वे बीते दिवस की दोपहर को कौमा में चले गए थे, जिससे वे उबर नहीं सके। वे 16-17 हफ्ते से अस्पताल में थे। उनका अंतिम संस्कार कनाडा में ही किया जाएगा।
आइए जानते है कादर खान के बारे में...............
उनका जन्म 22 अक्टूबर, 1937 में अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था। वे इंडो-कैनेडियन मूल के थे। कादर खान ने अपने जीवन काल में 300 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। वे सदाबहार अभिनय से जाने जाएगे। वे 1970 और 1980 के दशक के जाने माने स्क्रीनराइटर भी रहे हैं। सबसे रोचक यह कि कादर खान ने फिल्मों में एंट्री करने से पहले सिविल इंजीनियरिंग के छात्रों को पढ़ाया भी था। यानी वे कुछ और बनना चाहते थे, और बन कुछ और गए। वैसे कादर खान ने अभिनय क्षेत्र में अपने संजीदा और कॉमेडी दोनों ही तरह के किरदारों में खास पहचान बनाई। वहीं अभिनय में उनकी गोविंदा के साथ तो कमाल की ट्यूनिंग रही है। उन्होंने 1973 में राजेश खन्ना की फिल्म  ’दाग’ के साथ फिल्मी दुनिया में पदार्पण किया था। फिल्म में आना भी उनके जीवन का कम रोचक नहीं रहा था। कादर खान के फिल्मी जीवन की शुरुआत तब हुई, जब उन्होंने एक बार अपने कॉलेज में किसी भूमिका को निभाया था। उस भूमिका में उन्होने बिलकुल जान ही डाल दी। जिसके बाद तो मानों उनके
बेजोड़ अभिनय: गोविंदा के साथ कादर खान
पैरों में पंख ही लग गए। इसी बीच दिलीप कुमार को जब कादर खान के अन्दर छुपे हुए कलाकार के बारे में पता चला तो उन्होंने रोल देखने की इच्छा जाहिर की थी। जिसके बाद दिलीप कुमार ने उनकी खूब प्रशंसा की थी और उन्हें दो फिल्में का ऑफर दे दिया। अभिनेता बनने से पहले कादर खान रणधीर कपूर और जया बच्चन की फिल्म ’जवानी दीवानी’ के लिए संवाद लिख चुके थे। पटकथा लेखक के तौर पर खान ने मनमोहन देसाई और प्रकाश मेहरा के साथ कई फिल्मों में भी काम किया। उन्होंने मनमोहन देसाई के साथ  ’धर्म वीर’, ’गंगा जमुना सरस्वती’, ’कुली’, ’देश प्रेम’, ’सुहाग’, ’परवरिश’ और ’अमर अकबर एंथनी’ जैसी फिल्में कीं, कादर खान ने प्रकाश मेहरा के साथ भी ’ज्वालामुखी’, ’शराबी’, ’लावारिस’, ’मुकद्दर का सिकंदर’ जैसी फिल्मों में काम किया था। उन्होने अपनी कला से कई पुरस्कार भी जीते हैं, उनमें  साहित्य शिरोमणि पुरस्कार, बेस्ट डायलॉग के लिए फिल्म फेयर अवॉर्ड और बेस्ट कॉमेडियन के लिए भी फिल्म फेयर का अवॉर्ड शामिल है। कादर खान ने 90 के दशक में  गोविंदा के साथ कई हिट कॉमेडी फिल्मों में काम किया। कादर खान और गोविंदा की जोड़ी को फिल्म हिट कराने के लिए जाना जाता था। वैसे बहुत कम लोग जानते हैं कि कादर खान के पास कैनेडियन नागरिकता भी थी। कादर खान और अमिताभ बच्चन ने  साथ में  ’दो और दो पांच’, ’मुकद्दर का सिकंदर’, ’मिस्टर नटवरलाल’, ’सुहाग’, ’कुली’ और ’शहंशाह’ जैसी फिल्मों में काम किया है। ये सभी फिल्में उस दशक की बेहतरीन साबित हुई है।

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