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पुलिस कहर के शिकार युवक की सदिंग्ध मौत

शाहपुर/सागर। पुलिस ने पैसे न देने पर ढाबा संचालक पर झूठा मुकदमा दर्ज कर दिया। इसी बीच बीते दिवस की रात पुलिस कर्मी ढाबा संचालक को उसके ढाबे से उठा ले गए। तथा उन्होने उसकी जमकर धुनाई कर दी। परिजनों को मामले की जानकारी हुई तो उनके होश उड़ गए। उन्होने पैसों का इतंजाम कर चौकी गए। जिसके बाद ढाबा संचालक को पुलिस ने छोड़ दिया। ढाबा संचालक घर आ बिना कुछ खाए सो गया। जब सुबह परिजनों ने देखा तो वह मृत पड़ा था। जिसके बाद हड़कंप मच गया। परिजनों ने गुस्सा कर शव को चौकी के सामने रख विरोध दर्शाना शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियां के निस्तारण का आश्वान मिलने के बाद ही मार्ग का जाम हटवाया जा सका।
जानकारी के अनुसार नगर के वार्ड नंबर 4 का निवासी कुंदन पुत्र देवसिंह पटैल ढाबा संचालक है। जिसको किसी बात को लेकर पुलिस बीते दिवस पकड ले गई थी। मृतक के साथ पकडे गये भूपेन्द्र पुत्र मोहन ने बताया कि हम सब ढाबे पर खाना खा रहे थे तब चौकी प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी अन्य पुलिस वालों के साथ ढाबे पर आई और पकड कर ले गई। जहाँ पुलिस ने मारपीट की और पैसे मांगे पैसे नहीं देने पर झूठा मुकदमा दायर कर दिया।
मृतक के बडे बेटे संतोष ने आरोप लगाया कि रात में पुलिस ने ढाबे से बिना किसी कारण के पकडा ओर चोकी ले जा कर मारपीट की एवं छोडने के ऐवज में चौकी प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी ने पैसे मांगे ।पैसे देने के बाद साहब ने करीब 9 बजे छोड दिया ।और मृतक घर आकर बिना खाना खा के सो गया जब सुबह उठाया तो मुह ना बोलने पर डॉक्टर को दिखाया जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया।उसके बाद परिजनों ने शव पुलिस चौकी के बाहर रख कर च्क्काजाम किया और चौकी प्रभारी पर मुकदमा दर्ज करनेकी माँग करने लगे। जिसकी जानकारी जिला कांग्रेस प्रवक्ता वीरेन्द्र सिंह गौर को दी गई जिन्होने जिले के पुलिस अधीक्षक को मामले की सूचना दी। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल एडि एस पी रामेश्वर सिंह यादव और एस डी एम सागर को भेजा। जिसके पश्चात परिजनो को मामले की न्यायिक जांच कराने और तीन डॉक्टरों की पैनल से पोस्ट मार्टम कराने,का आश्वासन दिया जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा बना कर शव पोस्ट मार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया ।।  रामेश्वर सिंह यादव अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मृतक पर पूर्व में आबकारी ऐक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था एवं रात को भी शराब पकडे जाने के बाद मुकदमा दायर किया गया था। युवक को निजी मुचलके पर छोड दिया था उसके बाद यदि मारपीट की घटना हुई है तो पोस्ट मार्टम के बाद उचित कार्यवाही की जाएगी। पूरे मामले की न्यायिक जांच की जायेगी एवं  तीन डॉक्टरों की पैनल से पोस्ट मार्टम करवाया जायेगा।
रिपोर्ट-हेमंन्त आठिया

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