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उन्नाव हादसा के इतंजार में जुटा रेलवे


छतिग्रस्त ट्रैक 
उन्नाव। पड़ोसी जनपद हरदोई में हुए हादसे के बाद भी जनपद के रेलवे अधिकारियों ने किसी प्रकार का सबक न लेकर भयानक हादसे को बुलावा देने के इंतजाम कर रखे हैं। लखनऊ से कानपुर तक के मध्य पूरे रेलवे ट्रेक की माली हालत किसी से छिपी नही है।
ट्रैक से अपना साथ छोड़ती फिसप्लेट
क्या उन्नाव रेलवे प्रशासन हादसे के इतंजार में जुटा है ?
आरोपो प्रत्यारोंपों की जंग के बीच रेलवे ट्रेक की हालत बद् से बद्तर होती ही जा रही है। इस ट्रेक पर गुजरने वाली ट्रेन के सवार यात्री बेहद खतरों का सफर तय कर रहे है। पूरे ट्रेक में जगह जगह फिस प्लेटों के साथ साथ ंपूरे ट्रेक को मजबूती देने वाले महत्वपूर्ण माने जाने वाले क्लैंपों का गायब होना बेहद खतरे की निशानी मानी जा सकती है। रेलवे सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर किसी बड़ी बनहोनी का इशारा करते हुए रेलवे अधिकारियों को इस पर गौर न करने की बावत खेद प्रकट करते हुए कहा कि पूरे ट्रेक पर घोर लापरवाही बरती जा रही है। 
छतिग्रस्त ट्रैक से गुजरती मालगाड़ी

पहले भी हो चुका है रेलवे हादसा
मगरवारा व गंगाघाट के कानपुर बाया नाम से जाना जाने वाले रेलवे स्टेशन के मध्य मालगाड़ी पलट चुकी है। वही एक सुपर फास्ट ट्रेन के डिरेल हो चुकी है। जिसमें भी रेलवे कर्मियों की लापरवाही की पुष्टि हो चुकी है। हालाकिं कमिंयों को दूर करने के बजाए रेलवे विभाग दूसरों पर अपनी कमियों को थोपने का भरकस प्रयत्न करता आया है।  
क्या है हरदोई रेलवे हादसा
बताते चले कि गत शनिवार की देर शाम हरदोई जनपद में लखनऊ-हरदोई के मध्य अप ट्रैक पर बघौली स्टेशन से पहले पोल संख्या 1148/23 से 1150 के मध्य सायं करीब 4.40 बजे तेज धमाका के साथ कोयला से भरी मालगाड़ी के 17 डिब्बे पलटे एवं दो डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हालाकि कोई जनहानि नहीं हुई। इस घटना के बाद बड़े स्तर पर यात्रियों को बेहद परेशानियां का सामना करना पड़ा था। मालगाड़ी से 53 डिब्बा में कोयला जा रहा था।
हादसे के बाद दूसरों पर आरोप प्रत्यारोप लगाने की रेलवे अधिकारियों की पुरानी आदत में शुमार में हो चुकी है। ऐसा ही कुछ हरदोई हादसें में भी हुआ है। आरोपों प्रत्यारोपों के बीच बालामऊ के टीआई वीके तिवारी, स्टेशन अधीक्षक केपी सिंह ने आरोप लगाते हुए वैगन के एक्सल के गरम हो जाने से पहिया निकलने से हादसा होने की बात कहीं। जबकि वहीं मौके पर अपट्रैक की दायी पटरी का 15-20 फिट का हिस्सा हादसे के बाद उछलकर करीब 20 फिट दूर पड़ा मिला। ग्रामीणों का कहना है कि पटरी टूटी होने से डिब्बा उतरने से हादसा हुआ है।
तो दूसरी ट्रेन टकरा जाती दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन से
दूसरी ट्रेन के चालक ने धमाके की आवाज सुन ट्रेन पहले ही रोक दी। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं डाउन लाइन पर भी उसी समय हरदोई की ओर से जा रही मालगाड़ी को चालक ने धमाका एवं तेज धूल उड़ने से बघौली स्टेशन से पहले ही रोक लिया, जिससे एक और ट्रेन हादसा का शिकार होने से बच गई।

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