Ad

ads ads

Breaking News

भू माफिया ने कब्जाई ग्राम समाज की जमीन, जिम्मेदारों ने साधा मौन..... विशेष रिपोर्ट

रिपोर्ट- रियाजुल हसन
बांगरमऊ/उन्नाव।   ग्राम समाज की भूमि दंबगों ने प्रशासनिक अधिकारियों की सह पर जोत ली। वहीं जब इस प्रकरण की जानकारी आला अधिकारियों को दी गई तो उन्होने खानापूर्ति के नाम पर अपने अधीनस्थ कर्मियों को भेज कागजी तौर पर मौका मुआवना कर अपने कतत्र्योंं की इतिश्री करना ही मुनासिब समझा। जिससे आम ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। 

जानकारी के अनुसार तहसील सफीपुर ग्राम सभा सैंता के तकिया चैराहा लखनऊ मुख्य हाईवे लखनऊ रोड पर पड़ने वाली भूमि संख्या 525 व 542 ग्राम समाज की भूमि होने के साथ साथ असल में उनके तालाब होने की जानकारी सरकारी कागजातों में दर्ज होने के बाद भी दंबग आरिफ पुत्र मुस्ताख समतलीकरण करा उन पर धड़ल्ले से खेती का कार्य करा रहां  है। वहीं उनकी नाप जोख करने के बावजूद लेखपाल व कानूनगो के निजी स्वार्थ के चलते ग्राम-समाज की जमीनों को हड़प भूमाफिया अपने निजी हित साध रहे है। वहीं कई सरकारी  व गैरसरकारी  सम्पत्ति बनाने वाले भूमाफिया के आगे पुलिस प्रशासन नतमस्तक नजर आ रहा है। 
ऐसे धनबली भूमाफिया की सरकारी दफ्तरों व कार्यालय से लेकर थानों में खातिरदारी होना तो मानों यहाॅ की नियति ही बन चुकी है। वहीं मौके पर पहुंचे प्रभारी लेखपाल पतौली केएस मिश्रा के साथ पहुंचे रमेश लेखपाल, बाबूलाल लेखपाल, कानूनगों ने कागजी तौर पर कारवाई कर अपने कतव्र्यो की इतिश्री करना ही उचित समझा। इस बीच जब ग्रामीणों ने उनसे मामले की लेकर जानकारी लेनी चाही तो उन्होने यह बता कर टाल दिया गया कोई भूमि धारक मौके पर नहीं मिला। कर्मियों  से अलग अलग तरह के जवाब मिलने की बात तो यहाॅ आम सी है। कोई कर्मी भूमिधारक के बारे जानकारी से साफ इंकार कर देता है।  वहीं कई कर्मियों ने तो फसल के बारें में पूंछते हुए यह तक कह दिया कि वहाॅ तो किसी प्रकार की कोई फसल ही नहीं दिखी। हालांकि अगर इसकी निष्पक्ष जांच की जाए तो सभी भूमि धारक मौके पर मिल जाएंगे। लेकिन यहाॅ पर यह कहावत मशहूर हो चुकी है -चोर चोर मौसेरे भाई। जब कर्मी से लेकर जिम्मेदार ही दंबगों के आगे बेबस है तो निष्पक्ष जांच करे तो कौन?
वहीं ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिन पहले एसडीएम साहब ने बातचीत के दौरान साफ साफ लफ्जो में कहा था कि यह भूमि ग्राम समाज की है और तालाब में दर्ज है उसके बावजूद भी कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।

उड़ रही प्रशासनिक आदेशों की धज्जियाॅ
दबंग भूमाफिया के लिए प्रशासनिक आदेश कोई मायने नहीं रखते। सूत्रों की माने तो ऐसे भू माफियाओं की अगर कराई जाए और भी संपत्तियों की  जांच तो राजसव विभाग को कई करोड़ों का फायदा हो सकता है।

भूमाफियाओं के खिलाफ एक्शन की बात भी यहाॅ पर हवा हवाई
प्रदेश में सरकार बनाने के बाद भू माफियाओं के खिलाफ सख्त हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के आदेश भी यहाॅ पर दंबग भूमाफिया आरिफ पुत्र मुस्ताख के आगे पानी पीते नजर आ रहे है। सूत्रों की माने तो इस भूमाफिया को बचाने में चंद भाजपा के नेता व यू यूपी सी एम योगी आदित्यनाथ के कुछ करीबियों का भी नाम उछलता रहा है।

No comments