Ad

ads ads

Breaking News

इज्जत घर निर्माण के नाम पर प्रधान मांग रहा 5000 रुपये

पुरवा/उन्नाव। स्वच्छ भारत मिशन को केंद्र और प्रदेश सरकार सफल बनाने के लिए दिन रात प्रयासरत है,स्वच्छता को लेकर सरकारे भारी भरकम रकम को पानी की तरह बहा रही है लेकिन जिम्मेदारों के ढुलमुल रवैये और स्वच्छ भारत मिशन के तहत खर्च की जाने वाली रकम से कमीशन न मिलने के कारण मिशन जनपद के दर्जनों गाँवो में दम तोड़ रहा है, जिसका ताजा मामला जनपद के विकासखण्ड असोहा के गांव भगत खेड़ा मजरा तल्हौरी का है, जहां पर ग्रामीणों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनने वाले इज्जत घरों के लिए आज भी दर-दर भटकना पड रहा है, जबकि जिला प्रशासन दवरा 30 अक्टूबर 2018 को ही जनपद को ओडीएफ घोषित करना था। भगत खेड़ा गांव में अधूरे बने पड़े इज्जत घर और टूटे टैंक जिम्मेदारों की लापरवाही को उजागर कर रहे है। ऐसे में जिला प्रशासन की अनदेखी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी मिशन को पूरा करने में अपरोक्ष रूप से बाधक बनी हुई है, वही ग्रामीणों ने कैमरे के सामने गांव के दबंग प्रधान और सचिव पर इज्जत घर के लिए 5000 और प्रधानमंत्री आवास के लिए 20,000 रुपये मांगने का आरोप भी लगाया है। गांव के ही गोविन्द, रामसनेही, सारदा देवी, रानी देवी, संगम, धुनई, संदीप शिवकुमार, गंगादेई, बाबूलाल, पप्पू, केशनलाल, राकेश, सीताराम, बुद्धिलाल, रेखा, अलोपी, सोहन, कमलेश, धनीराम, रोहित, राकेश, मोतीलाल, अमृतलाल, बबलू, मुकेश, विनोद, प्रमोद, रमाकांत, सुनील, चंद्रभान, मोती, रामचंद्र, कलिका, प्रेम शंकर, पंचम, विलेश्वर, दिलीप, प्रदीप, नरेश, शेखर, कमलेश, दीपकुमार आदि ग्रामीणों ने बताया कि इज्जत घर का टैंक बनने के लिए  कई महीनों से खुदे पड़े गड्ढो में आएदिन जानवर गिरकर घायल हो जाते है, प्रधान और सेक्रेटरी से जब इज्जत घरो का निर्माण करवाने की बात कहो तो वह रूपये मांगने लगते है, रुपये न मिलने के कारण आजतक निर्माण नहीं हो पाया ऐसे में सूबे के मुखिया का सपना साकार होना संभव नहीं दिख रहा।