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32 हजार खेलकूद एवं शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया निरस्त


डेस्क। राज्य सरकार ने 32 हजार 22 खेलकूद एवं शारीरिक शिक्षा अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है। इसके पीछे भर्ती को निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम के मापदंड के विपरीत होने का आधार बताया गया है। आरटीई के तहत 100 से अधिक छात्रों वाले वाले उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक अंशकालिक अनुदेशक की नियुक्ति की जा सकती है। प्रदेश में अखिलेश यादव सरकार ने 2016 में बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से चल रहे सौ से कम छात्र वाले विद्यालयों में भी 32022 कार्यानुभव शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और खेलकूद अनुदेशकों भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। इसके तहत प्रत्येक उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक अनुदेशक को 11 महीने के मानदेय पर संविदा पर रखना था। मार्च 2017 में सत्ता परिवर्तन के बाद योगी सरकार ने अनुदेशकों की भर्ती प्रक्रिया रोक दी थी। शासन स्तर पर हुए मंथन में पता चला कि सपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया आरटीई के मापदंड के विपरीत शुरू की थी। अनुदेशक केवल सौ से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में नियुक्त हो सकते हैं जबकि सपा सरकार ने सौ से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों में भी भर्ती प्रक्रिया शुरू की। सरकार की हरी झंडी के बाद विभाग ने यह प्रक्रिया निरस्त कर दी है। उल्लेखनीय है कि अक्टूबर में ही सरकार ने चार हजार उर्दू शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया निरस्त करदी है।