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बहनोई ने किया था युवक की वाहन से रौंद कर हत्या

-दो दिन बाद स्कूटी लावारिस हालत में मिलने से संदेह गहराया
उन्नाव। शहर के मोहल्ला आवास विकास निवासी शैलेंद्र तिवारी की हत्या किसी और ने नहीं, बल्कि एक्सीडेंट की एफआइआर लिखवाने वाले उसके बहनोई ने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर की। जिस बोलेरो से कुचल कर उसे मौत दी गई, उसके साथ पुलिस ने मृतक की स्कूटी भी बरामद की है। आरोपित बहनोई के साथ अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 23 सितंबर की रात 11 बजे करीब शहर के मोहल्ला आवास विकास ए ब्लॉक निवासी शैलेंद्र तिवारी उर्फ पिटू (40) पुत्र रामसेवक की पुरवा कोतवाली क्षेत्र के कांथा-मंगतखेड़ा मार्ग पर रशीदपुर माइनर नहर के पास चौपहिया वाहन से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के बहनोई अवनेंद्र पांडेय ने एक्सीडेंट की तहरीर दी। अगले दिन जांच करने घटनास्थल पर पहुंचे सीओ पुरवा एमपी शर्मा को गोलाखेड़ा के किसानों ने सच्चाई बताई तो जांच की दिशा हत्या की ओर घूम गई। मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल और लोकेशन से पुलिस घटना के राजफाश के करीब पहुंच गई। इंतजार था मृतक की पत्नी के बयान का। जिसके बाद बीते गुरुवार को उसके बयान के बाद पुलिस ने मृतक के बहनोई अवनेंद्र पांडेय को उठा लिया। कड़ाई से हुई पूछताछ में उसने गुनाह कबूल करते हुए साथियों के नाम बता दिए। सूत्रों की माने तो घटना में शामिल, सीताराम, शिवम समेत एक अन्य को को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की माने तो परिवार के कुछ लोग घटना के राजदार थे। पहले बहनोई द्वारा एक्सीडेंट की तहरीर दी गई, फिर कोई हत्या का मुकदमा दर्ज कराने नहीं आया।
क्या था मामला 
पांच दिन पहले मंगतखेड़ा-कांथा मार्ग स्थित रसीदपुर गांव के पास देर रात शहर के आवास विकास कॉलोनी के शैलेन्द्र उर्फ पिन्टू की सुनियोजित तरीके से कार से कुचलकर हत्या की गई थी। रिश्तेदार की तहरीर रिपोर्ट सड़क हादसे की दर्ज कर ली गई थी मगर पिता ने हत्या की आशंका जताई थी। जिस पर कोतवाली प्रभारी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार करते हुए कॉल डिटेल से अहम सुराग एकत्र किए। 
बताते चलें कि 23 सितंबर देर रात शैलेन्द्र स्कूटी लेकर पुश्तैनी गांव कोढ़ियाखेड़ा थाना हसनगंज गए थे और 23 को कांथा मार्ग पर देर रात उसकी मौत हो गई। लेकिन मौके से स्कूटी नहीं मिली थी। इसी बिंदु पर पुलिस और परिजन हत्या मान रहे थे। 
जांच के दौरान शहर में एक कीमती प्लॉट को लेकर शैलेंद्र की हत्या होने पर संदेह होने के बाद पुलिस ने मामले को लेकर रिश्तेदारों को जांच में दायरे में लाना शुरू किया। कोतवाली पुलिस मृतक की पत्नी का बयान लेने कई बार उन्नाव गई मगर उसकी तबियत खराब होने से बयान नहीं हो सका। पुलिस घटना की विवेचना में मृतक और परिवार के फोन नंबरों की डिटेल खंगालने में जुट गई।  जिसके बाद मामला खुलकर सामने आ गया। 
नजदीकियों का विरोध पड़ा शैलेंद्र को महंगा
बहनोई अवनेंद्र पांडेय उर्फ रानू ने पुलिस को बताया कि शैलेंद्र जो कमाता उसे नशेबाजी में उड़ा देता था, माता-पिता के साथ परिवार की परेशानियां देखी न गईं और उसने शैलेंद्र की हत्या कर दी। वहीं पुलिस सूत्रों की माने तो परिवार के लोगों से बहनोई की अधिक नजदीकियां शैलेंद्र को बर्दाश्त नहीं हुईं और उसके विरोध करने पर बहनोई ने उसे मौत के घाट उतार दिया गया।
कैसे दिया वारदात को अंजाम
आरोपित बहनोई अवनेंद्र उर्फ रानू की जमीन पर चमरौली राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के बगल में होटल है। घटना वाली रात शैलेंद्र को उसके बहनोई के साथी सीताराम द्वारा फोन कर आवास विकास बाईपास बुलाया गया। वहां से उसे दही चौकी ले जाकर शराब पिलाई गई। उसके नशे में होने पर स्कूटी को तीसरा साथी मोहल्ला आवास-विकास स्थित गेस्ट हाउस के पीछे फेंककर चमरौली स्थित ढाबा ले गए, जहां फिर से शराब पिलाने के साथ खाना भी खिलाया। बाद में उसे ले जाकर रशीदपुर नहर माइनर के पास बोलेरो चढ़ा हत्याकर दी। मामले से लगभग पर्दा उठा चुकी पुलिस गुरुवार देर रात तक चुप्पी साधे रही।