Ad

ads ads

Breaking News

देश का हर नागरिक देश का मालिक है

                        विचार -
                  ----------------------
देश का हर नागरिक देश का मालिक है और सारे प्राकृतिक संसाधनों और संपदा पर हर नागरिक का समान अधिकार है इस जीवन अधिकार के रूप में उसे जन्म से लेकर मृत्यु तक अर्थव्यवस्था से मिलने वाले लाभ के रूप में कम से कम ₹10000 प्रति माह नागरिक भत्ता मिलना चाहिए जब तक यह नागरिक भत्ता देश के सभी नागरिकों को बिना किसी भेदभाव के नहीं दिया जाता तब तक समाज में परस्पर विश्वास सद्भाव सहयोग प्रेम और आत्मीयता के संबंध नहीं बन सकते और समाज में सबको शांति सुख समृद्धि और सुरक्षा नहीं मिल सकती।
कुछ लोग वोटर पेंशन की बात कर रहे हैं जो समाज के कमजोर लोगों को मूर्ख बना रहे हैं क्योंकि वोटर पेंशन जन्म से नहीं बल्कि 18 साल के बाद मिलेगी और तब तक गरीब लोग और उनके बच्चे गरीबी के कारण ही मर जाएंगे।
जब देश का नागरिक जन्म से ही देश का मालिक है तो उसे नागरिक भत्ता जन्म से ही मिलना चाहिए 18 साल का होने के बाद तो वह खुद कमाने खाने लग जाता है जरूरत तो उसे तब होती है जब वह है कुछ भी करने लायक नहीं होता और यह जरूरत केवल नागरिक भत्ते से पूरी हो सकती है।
यह नागरिक भत्ता जीडीपी की लाली पाप से नहीं मिल सकता यह दूसरा धोखा है यह केवल अमीरी रेखा बनाकर और अमीरों की संपत्ति पर संपत्ति कर लगाकर ही सब लोगों को दिया जा सकता है और हर महीने 10 हजार रुपया बहुत आसानी से दिया जा सकता है यह राशि उससे अधिक भी हो सकती है इसे कम नहीं।
इससे देश की अर्थव्यवस्था अत्यंत मजबूत हो जाएगी उसके कमजोर होने का तो कोई सवाल ही पैदा नहीं होता क्योंकि तब देश के हर नागरिक की क्रय शक्ति भारी मात्रा में बढ़ जाएगी और उससे देश में उद्योग व्यापार कृषि पशुपालन और सभी प्रकार की आर्थिक क्रियाओं में भारी वृद्धि होगी कोई भी व्यक्ति रोजगार के लिए परेशान नहीं रह सकता और सभी लोग सुख के साथ अपना जीवन जी सकेंगे।
लेखक- रोशनलाल अग्रवाल

No comments