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शिक्षा से ही मिलेगा नया मुकाम- प्रेम नारायण चौरसिया




शिक्षक बिना किसी भेद-भाव के निस्वार्थ भाव से दूसरे के बच्चों को शिक्षा देकर समाज में एक जगह दिलाने का काम करता है

पुरवा\उन्नाव। शिक्षक बिना किसी भेद-भाव के निस्वार्थ भाव से दूसरे के बच्चों को शिक्षा देकर समाज में एक जगह दिलाने का काम करता है। एक  शिक्षक ही सच्चे मायने में राष्ट्र का निर्माणकर्ता होता है। उक्त विचार डाॅ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस पर पूर्व संस्कृत प्रवक्ता व विद्यालय के संस्थापक प्रेम नारायण चौरसिया ने व्यक्त किये।

भारत के द्वितीय राष्ट्रपति व महान शिक्षाविद्  और पेशे से शिक्षक रहे डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी के जन्मदिन पर श्रीमती राम रानी देवी चौरसिया पब्लिक स्कूल शिव-विहार पुरवा में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। संस्था के संस्थापक प्रेम नारायण चौरसिया ने (सेवानिवृत्त उपप्रधानाचार्य ) ने शिक्षक दिवस पर चल रहे कार्यक्रम के दौरान कहा केवल एक शिक्षक ही है, जो वर्तमान समय में दूसरों के बच्चों को अच्छा बनाने के लिए कठोर परिश्रम करता है। 

चौरसिया ने कहा कि मेरी सबसे अपील है कि सभी ग्रामीण व शहरी लोग अपने बच्चों को अवश्य पढ़ाएं क्योंकि समाज में कामयाबी  प्राप्त करने के लिए शिक्षा ही मूलमंत्र है। वही शिक्षक दिवस के मौके पर विद्यालय के संस्थापक व प्रबंधक  ने सभी शिक्षकों को उपहार भेंट किए। इस दौरान सभी बच्चों ने अपने शिक्षकों का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर विद्यालय प्रबंधक पूनम चौरसिया, विद्यालय संचालन रत्नम चौरसिया एडवोकेट, व समस्त सहायक अध्यापक प्रीतिमा, स्पर्श मिश्रा, तनु शुक्ला, सोनम, रागिनी, गौरव, लक्ष्मी सोनी, श्रद्धा मिश्रा, मनीषा शुक्ला, अनीषा आदि उपस्थित रहे।

... रिपोर्ट - रत्नम चौरसिया।(एडवोकेट)