Ad

ads ads

Breaking News

मन्द बुद्धि बच्चों हेतु जिला अस्पताल में होगा विकलांग शिविर का आयोजन

आसानी से उपलब्ध होंगे विकलांगता प्रमाण-पत्र उपलब्ध
उन्नाव। राष्ट्रीय  मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अर्न्गत मानसिक चिकित्सा इकाई द्धारा शनिवार को प्रातः 10
बजे से जनपद के जिला चिकित्सालय के परिसर में मन्द बुद्धि बच्चों हेतु एक विकलांग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें मानसिक रूप से मंदित बच्चों का मानसिक परीक्षण कर उन्हें मानसिक विकलांगता प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जायेगा। साथ ही जन सामान्य अपनी मानसिक समस्याओं के बारे में जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। षिविर का उद्घाटन प्रातः 10 बजे किया जायेगा। शिविर में नोडल अधिकारी डा0 तन्मय कक्कड़, मनोरोग विषेशज्ञ डा0 विकास दीक्षित व मानसिक चिकित्सा इकाई उन्नाव की टीम के सभी सदस्य मौजूद रहेंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा0 लालता प्रसाद ने बताया कि ‘‘बच्चों में उम्र के अनुसार बुद्धि का विकास न हो पाना ही मानसिक मंदिता अथवा मानसिक विकलांगता होती है। लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना एवं मानसिक रूप से मन्दित बच्चों को आसानी से विकलांगता प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने के उददेष्य से ही इस शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

मानसिक रोग एवं मन्दता की क्या है पहचान 


  1. बच्चे का विकास अन्य बच्चों की तुलना में धीमी गति से हो रहा हो, अर्थात देर से चलना बैठना, बोलना षुरू किया हो। बुद्धि का कम विकास होना।
  2. किसी भी कार्य व कुषलता को धीमी गति से सीख पाना, पढ़ाई में पीछे रहना।
  3. अपने उम्र से कम उम्र के बच्चे की तरह व्यवहार करना।
  4. दैनिक कार्यों के लिए दूसरों पर निर्भर रहना।
  5. अनजान भय, पष्चाताप की भावना, निराषा के भाव, एक ही कार्य बार-बार करना जैसे हांथ धुलना, बन्द ताले को बार-बार चेक करना, शक करना, साथी के चरित्र पर षक करना, भूत-प्रेत, जिन्न, देवी-देवता, आदि की छाया का भ्रम होना आदि।
  6. उलझन, घबराहट, बेचैनी होना, नींद कम आना, आत्महत्या के विचार आना।


मानसिक रोग एवं मानसिक मन्दता होने के कारण :-


  1. गर्भ में बच्चे का विकास सही से न हो पाना, जन्म के समय बच्चे का न रोना व षान्त पड़े रहना, सिर पर किसी बड़ी चोट का लगना, मिर्गी के दौरे आना या तेज बुखार का होना आदि।
  2. अनुवांषिक कारण-व्यक्तित्व-अपने में खोये रहना, चुप रहना, खान-पान से जुड़े कारण, नषीली दवाओं, षराब, धुम्रपान, गांजा-भांग, ड्रग्स इत्यादि का सेवन करना।
  3. शिविर में मानसिक विकलांगता प्रमाण पत्र करने हेतु मरीज को आधार कार्ड, निवास प्रमाण-पत्र (ग्राम प्रधान अथवा सभासद द्वारा निर्गत) की प्रतिलिपि व चार फोटोग्राफ लाना अनिवार्य है। मानसिक रोगों से सम्बन्धित जानकारी अथवा निःषुल्क इलाज हेतु जिला चिकित्सालय, के मानसिक रोग विभाग कक्ष संख्या 27 में सोमवार, बुधवार व षुक्रवार में सम्पर्क कर सकते हैं।

No comments