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शिक्षा अधिकारियों की मिलीभगत से संचालित हो रहे अमान्य विद्यालय


....रिपोर्ट- रत्नम चौरसिया
पुरवा/उन्नाव। क्षेत्र में गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों का सफल संचालन स्थानीय शिक्षा अधिकारियों की मिलीभगत से लगातार जारी है। इन विद्यालयों में लगे वाहनों के चालक अप्रशिक्षित होने के कारण प्रायः दुर्घटना को अंजाम दे रहे हैं। पर प्रशासन की इनके प्रति उदारता दिखाए जा रहा है।    प्रदेश की योगी सरकार का सख्त निर्देश है कि कहीं भी   अमान्य विद्यालय संचालित न हों। किन्तु विभागीय मिली भगत के चलते मुख्यमंत्री जी की मंशा पर पानी फेरा जा रहा है। पुरवा व आसपास के क्षेत्र में अवैध विद्यालयों की मण्डी सजी हुई है और प्रशासन की उदारता से फल-फूल रही है। पुरवा के 7, असोहा के 8 व हिलौली के 19 अमान्य विद्यालयों को चिन्हित कर  विगत मई माह में तत्कालीन उपजिलाधिकारी पूजा अग्निहोत्री ने कार्यवाही की थी। किन्तु जुलाई माह के आते ही पुनः उनकी दुकानें सज गई है। भोले भाले अभिभावकों को लालच देकर उनके अबोध बालकों के भविष्य से लगातार खिलवाड़ किया जा रहा है। प्रशासन की मौन स्वीकृति से यह प्रतीत होता है कि शिक्षा अधिकारियों को उनका मासिक हिस्सा मिल जाता होगा। विभिन्न समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित होने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। इससे संवाददाताओं को भी अवैध विद्यालय संचालकों द्वारा खबर न लिखने की धमकियां दी जा रही है। आखिर प्रशासन की नींद कब टूटेगी? क्या योगी सरकार के नुमाइंदे सिर्फ और सिर्फ अवैध वसूली में ही व्यस्त रहेंगे? इस सम्बन्ध में कई बार पुरवा खण्ड शिक्षा अधिकारी, पुरवा एसडीएम व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से संवाददाताओं ने बात की पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गयी। खण्ड शिक्षा अधिकारी पुरवा व एसडीएम पुरवा द्वारा दिये गये जवाब जमीनी हकीकत पर अब तक असरदार नहीं हुए।