Ad

ads ads

Breaking News

गृहमंत्री के गृह जिले में नाबालिग के साथ गैंगरेप





गृह मंत्री के गृह जिले सहित क्षेत्र को शर्मसार कर देने वाली घटना


देवरी कला। अभी मंदसौर और सतना के आँसू सूखे भी नही थे कि सागर जिले के अंतर्गत गौरझामर थाना क्षेत्र के ग्राम जैतपुरकछया में मानवता फिर शर्मसार हो गई। उक्त घटना के संबंध में पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा समस्त सगे-संबंधियों  एवं जनप्रतिनिधियों को गलत जानकारी दी गई। गृह मंत्री के गृह जिले सहित संपूर्ण प्रदेश में कानून व्यवस्था की खुले आम धज्जियां उड़ाई जा रही है।14 साल गृह मंत्री के गृह जिले में इंसानियत हुई शर्मसार नाबालिग की के साथ हुआ सामूहिक गैंगरेप।
 एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने बाला मामला सामने आया है एक महिला ने ही नाबालिक को तीन बहसी दरिंदो को सौप दिया जहाँ तीनों ने नाबिलग के साथ गैंगरेप को अंजाम दिया मामला गौरझामर थाना क्षेत्र से सामने आया है पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहाँ उसका इलाज जारी है वही पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
दरअसल सागर जिले के  गौरझामर थाना अंतर्गत एक ग्राम में  मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है पीड़ित नाबालिक लड़की की माने तो वह अपने घर से सुबह 7:00 बजे पड़ोस में  रहने वाली ममता बाई नाबालिक को अपने घर ले गई थी और  कमरे के अंदर बंद करके बाहर से गेट बंद कर दिया फिर कुछ देर बाद  कमरे में राजेश, हल्ले, गोपाल और प्रवेंद्र  पटेल घुसे और लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया दिनभर लड़की के साथ बार-बार दुष्कर्म करते रहे फ़िर रात्रि में नाबालिक को चारों दरिंदे राजेश के घर ले गए जहां उन्होंने फिर से  नाबालिक के साथ दुष्कर्म किया और रात में गांव के पास बने शिशु मंदिर स्कूल के सामने बेहोशी की हालत में फेंक दिया जैसे ही पीड़ित के परिजनों को घटना की जानकारी लगी वह स्कुल के पास पहुँच गये और पीडिता को बेहोशी की हालत में देवरी अस्पताल लेकर पहुँचे जहाँ पीड़िता का इलाज नही होने के आरोप परिजनों ने लगाए है।
वही मामले को लेकर कांग्रेस से  देवरी विधायक  हर्ष यादव ने सरकार पर आरोप लगाए है विधायक ने बीजेपी सरकार को बर्खास्त करने की बात कही है विधायक का कहना है पीड़िता के इलाज में भी गम्भीर लापरवाही बरती गई है जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा मुझे बताया गया था कि सागर रिफर किया गया है जबकि नाबालिग का इलाज अभी भी देवरी अस्पताल में चल रहा है इलाज में लापरवाही बरतने बाले दोषी अधिकारियों को पद पर रहने का कोई अधिकार नही है उन्हें तत्काल पद से हटा देना चाहिए।
 वही पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक सतेंद्र शुक्ला ने बताया कि पीड़ित नाबालिग को 108 की मदद से अस्पताल में भर्ती किया गया था बेहोशी की हालत में होने की वजह से पीड़िता के बयान नही हो पाए थे पीड़िता के बयानों के आधार पर 4 युवको और एक महिला को गिरफ्तार कर मामला पंजीबद्ध कर लिया है
.... रिपोर्ट- राकेश यादव,देवरी जिला सागर मध्यप्रदेश