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ग्रामीणों ने लिपिक की शिकायत सीएम से की


निघासन-खीरी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निघासन में दवा गटर में फेंकने का मामला मीडिया में उजागर होते ही विभागीय अधिकारियों ने तुरंत एक्शन लिया और दवा वितरण अधिकारी पर तत्काल कार्रवाई कर दी। वहीं वर्षों से तैनात और भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए गये लिपिक कुलदीप मिश्रा पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी, जो पूरे निघासन क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ हैं।
जहां एक और प्रदेश की योगी सरकार सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार को मिटाने पर तुले हैं,वहीं सीएचसी निघासन में भ्रष्टाचार मिटने का नाम नहीं ले रहा हैं।जो आये दिन अपने कारनामों के चलते सुर्खियों में बनी रहती हैं।जिसका सीधे असर प्रदेश सरकार पर पड़ रहा हैं। 
बताते चले कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निघासन में लिपिक के पद पर दूसरी बार तैनाती पाये कुलदीप मिश्रा जो करीब यहां सीएचसी में पंद्रह वर्ष से अधिक हो गये हैं,इनको कार्य करते हुये।इनके सीएचसी में पुनःआते ही इनके द्वारा लगाये गये दर्जनों दलालों ने भी विभाग में संचालित सरकार की हर योजना में लूटखसोट शुरु कर दी गयी।इससे परेशान तमाम आशाओं ने इनके खिलाफ कई शिकायती पत्र जिले के आलाअधिकारियों से लेकर प्रदेश के सीएम तक दिये,लेकिन लिपिक की विभाग व सत्तापक्ष के नेताओं में अच्छी पैठ होने के कारण इनकी निश्पक्ष जांच तो दूर की बात हैं,दोषी होने के बावजूद भी इनके ऊपर कोई कार्यवाई नहीं की गयी।इसी के चलते भ्रष्टाचार करने में कोई कोर कसर भी नहीं छोड़ रहे हैं।बताते चलें कि कुछ समय पहले प्रत्येक ग्राम पंचायत में से जो  ग्राम पंचायत को समग्र ग्राम में घोषित किया गया था।जिसमें उसके अंतर्गत आने वाली आशा एवं प्रधान का संयुक्त बैंक  अकाउंट खुलना था।जिसमें गाँवों में दवा आदि सामान को लेकर सरकार इन खोले गयें खातों में धनराशि भेजती हैं।मगर इस योजना को भी पलीता लगा रहे है।सीएचसी में पुनः तैनाती पाये लिपिक कुलदीप मिश्रा की तैनाती सीएचसी निघासन में की गई जो सवालों के घेरे में खड़ी कर रही हैं।सूत्र बताते हैं,कि जिन आशाओं का चयन प्रधान के संयुक्त बैंक खाते में होना था,उनका चयन नहीं किया गया। लिपिक ने अपने मनमाने ढंग से मनमानी आशाओं का प्रधानों के साथ संयुक्त बैंक खाता खुलवा दिया।वहीं आशाओं के द्वारा पूछने पर लिपिक उनको बता रहे हैं,कि तुम पढ़ी-लिखी ज्यादा नहीं हो इसलिए तुम्हारा अकाउंट नहीं खोला जाएगा।वहीं यदि देखा जाये तो क्षेत्र की 66 ग्राम पंचायतों में दर्जनों ग्राम प्रधान अनपढ़ होकर ग्राम पंचायत को चला रहे हैं।तो क्या कम पढ़ी लिखी आशाओं का संयुक्त अकाउंट नहीं खोला जा सकता है।योगी सरकार का दावा था कि या तो अधिकारी ठीक से काम करेंगे या यूपी छोड़कर बाहर चले जाएंगे।मगर यहां पर यह दावा फेल होते नजर आ रहा हैं।पुनः तैनात लिपिक की शिकायत खीरी सांसद व विभाग के जिले पर आसीन आलाधिकारियों से लेकर स्वास्थ्य निदेशक लखनऊ एवं सीएम तक लिपिक की शिकायत ग्रामीण कर चुके हैं।फिर भी नतीजा शून्य ही निकला हैं।इनकी कार्यप्रणाली से आशाओ सहित क्षेत्रीय लोगों में भी रोष व्याप्त हैं।

जांच में क्या हुआ हम नहीं बता सकते,सीएचसी निघासन में अगर लिपिक द्वारा प्राईवेट कर्मचारियों को लगाया गया हैं,तो गलत हैं,इस संबंध में जांच करवाई जाएगी और अगर उसमें  लिपिक दोषी पायें जायेगें,तो इनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जायेगी।
... डॉ• मनोज अग्रवाल
मुख्य चिकित्सा अधिकारी

... रिपोर्ट- श्रवण सिंह, निघासन लखीमपुर खीरी

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