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सरंक्षण के चलते बाबू कर रहा अवैध वसूली



निघासन-खीरी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कई वर्षों से तैनात लिपिक पर दोष साबित होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के आलाधिकारियों ने लिपिक पर कोई कार्यवाही नहीं की गयी।जिससे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ हैं।आखिर किसका संरक्षण प्राप्त हैं लिपिक को यह लोगों के गले नहीं उतर रहा हैं।
बताते चले कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निघासन में तैनात कुलदीप मिश्रा करीब अपनी चार पंचवर्षीय योजना पूरी कर चुके हैं।तथा इनके द्वारा लगाये गये दर्जनों प्राईवेट कर्मचारी कस्बें में चल रहे तमाम बिना रजिस्ट्रेशन के प्राईवेट हाॅस्पिटलों पर कमीशन के चलते खुलेआम गर्भवती महिलाओं का शोषण करवा रहे हैं। जिसके चलते आये दिन उक्त दलालों व तीमारदारों से नोंकझोंक भी होती रहती हैं। यहां तक कि मामला पुलिस तक भी पहुंच जाता हैं।फिर इसमें लिपिक कुलदीप मिश्रा के हस्तक्षेप के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला जाता हैं। यहीं नहीं इनके कार्यकाल के दौरान ही आशाओं ने अवैध वसूली को लेकर सीएचसी के बाहर धरना प्रदर्शन भी किया था। मगर विभाग ने कार्यवाही के नाम पर खानापूर्ति करते हुए कुछ दिनों के लिए निघासन से हटाकर सीएचसी पलिया तथा रमियाबेहड़ में पहुंचा दिया था। मामला शांत होने के बाद फिर सीएचसी निघासन भेज दिया गया। उक्त बाबू के आते ही उनके साथ रहने वाले दर्जनों प्राईवेट दलाल अवैध वसूली करने में लग गये हैं गत् माह आशाओं के चयन में भी अवैध वसूली के चलते जारी विज्ञप्ति में कस्बा निघासन,लालपुर व लुधौरी पंचायत में रिक्त पदों का जिक्र भी नहीं था,और गुपचुप उन जगहों पर फार्म डालकर उनको प्रशिक्षण पर जिलामुख्यालय भेज दिया गया।इसकी शिकायत जब ग्रामीणों ने जिले के अधिकारियों से लेकर सीएम तक की गयी थी तब जाकर वह सभी आवेदन निरस्त करने पड़े थे,तथा नये सिरे से पारदर्शिता के साथ आवेदन लेने के आदेश तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी लखीमपुर जाविद अहमद ने जारी किये,पर दोषी लिपिक पर भी कोई कार्यवाही विभाग द्वारा नहीं की गयी।जिससे यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ हैं।


...रिपोर्ट- श्रवण सिंह, निघासन,लखीमपुर-खीरी

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