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जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुआ किसान दिवस



         लखीमपुर-खीरी। बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में किसान दिवस आयोजित हुआ। 

           जिलाधिकारी शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि किसान दिवस का उद्देश्य कृषकों की समस्याओं से अवगत होकर उसका निस्तारण कराया जाना है, जनपद में गन्ने का क्षेत्रफल और उत्पादन बढ़ा है। कृषकों को गन्ने की खेती के साथ-साथ अन्य फसलों का क्षेत्रफल बढ़ाने की आवश्यकता है। कृषक भाई गन्ने की फसल के साथ-साथ सब्जी की खेती, फलोंत्पादन की खेती, फूलों की खेती तथा पशुपालन का कार्य भी प्रारम्भ करें। क्षेत्रफल के अनुसार 25 प्रतिशत वन क्षेत्र होना चाहिए। कृषक भाई अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें तथा उद्यान विभाग एवं वन विभाग द्वारा चलायी जा रही योजनाओं का लाभ प्राप्त करें। कृषि विभाग कृषकों के हितार्थ अनेक योजनायें चलायी जा रही है, कृषि विभाग, उद्यान विभाग एवं गन्ना विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का अनुदान प्राप्त करने किसान भाई अपना पंजीकरण कृषि विभाग की वेबसाइट डब्लू डब्लू डब्लू डाट यूपी एग्रीकल्चर डाट कॉम पर करा लें।

         मुख्य विकास अधिकारी रवि रंजन ने कहा कृषक भाई जल संरक्षण पर विशेष ध्यान दें तथा फसल अवशेषों को न जलाये बल्कि इसके सड़ाने का प्रबन्धन करें, जिससे मृदा का भौतिक दशा में सुधार होगा, इसके साथ-साथ कृषक भाई जैविक खेती अपनायें, जिससे मृदा स्वास्थ्य सुधार के साथ-साथ पर्यवरण में भी सुधार होगा। कृषि विभाग द्वारा जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु वर्मी कम्पोस्ट पिट का निर्माण प्रत्येक राजस्व ग्राम में कराया जा रहा है, जिससे प्राप्त उर्वरक का अपने खेतों में प्रयोग करने के साथ-साथ इसकी बिक्री से अतिरिक्त आय प्राप्त की जा सकती है।

         किसान दिवस में उप कृषि निदेशक एल0बी0 यादव ने बताया किसान भाई धान की रोपाई समय से करा लें। समय से रोपाई कराने से 15 प्रतिशत उत्पादन बढ़ जायेगा। नीम कोटेड यूरिया उपलब्ध है, जिससे नाइट्रोजन का रिसाव धीरे-धीरे होता है। कीचड युक्त भूमि में यूरिया डालने से अमोनिया का रिसाव शीघ्रता से होता है अतः किसान भाई यूरिया का प्रयोग रोपाई के समय न करके पौध रोपण के समय करें। मा0 राष्ट्रीय हरित अधिकरण के आदेशानुसार फसल अवशेष न जलायें, जिससे वायु मण्डल प्रदूषित होता है। पानी का जल स्तर कम हो रहा है। अतः पानी का दुरूपयोग रोकना है। जनपद में लगभग 7 लाख मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरण किये जा चुके है, जिसमें फसलों में उर्वरकों की संस्तुति की गयी है। संस्तुति के अनुसार मृदा में उर्वरकों का प्रयोग किया जाये। गत वर्ष प्रत्येक राजस्व ग्राम में वर्मी कम्पोस्ट पिट का निर्माण कराया गया था, इस वर्ष भी प्रत्येक राजस्व ग्राम में 01-01 वर्मी कम्पोस्ट पिट का निर्माण कराया जायेगा। केचुके की खाद के प्रयोग से भूमि में जीबॉश कार्बन की वृद्धि होती है, जिससे मृदा स्वास्थ्य का सुधार होता है।

        कृषि वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र, डा0 मो0 सोहेल के कृषकों को अवगत कराया कि चौडी पत्ती के खरपतवार नियंत्रण हेतु पेन्डामेथलीन तथा दीमक के नियंत्रण हेतु क्लोरोपाइरीफास का छिडकाव करें। गन्ने एवं धान की फसल में 12 प्रतिशत चिलेटेड जिंक 100-250 ग्राम छिडकाव करने से लाभ होगा। यह समय नवीन बाग के रोपड का उपयुक्त समय है। टमाटर, मिर्च एवं बैंगन में निमोटोड की समस्या हो रही है। पौधे में पीला पन आ जाता है, इसके नियंत्रण हेतु नीम का तेल एवं नीम की खली का प्रयोग किया जा सकता है।

      जिला उद्यान अधिकारी दिग्विजय कुमार भार्गव द्वारा अवगत कराया गया है कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत स्प्रिंकलर सेट की व्यवस्था करायी जा रही है तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत पौधरोपण, बागवानी, मशीनरीकरण के साथ केला रोपाण का भी लक्ष्य प्राप्त हुआ है, जिसमें 40 प्रतिशत अनुदान दिया जायेगा। मिर्च को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत सम्मिलित किया गया है। किसान भाई लाभ प्राप्त करने वाले कृषक कृषि विभाग की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन करा लें।

       मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा0 टी0के0 तिवारी ने कृषकों को पशुओं में लगने वाली बीमारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा दुधारू पशुओं का बीमा कराने पर जोर दिया गया।

       जिला गन्ना अधिकारी बी0के0 पटेल ने कृषकों से आहवान किया कि गन्ने की खेती का रकवा कम करने की आवश्यकता है। गन्ना विभाग द्वारा जिला योजना में जैव उर्वरक पर 50 प्रतिशत अनुदान, बीज वितरण पर कृषकों को 25 रू0 प्रति कुं0 अनुदान देय है, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना में आधार पौधशाला में 50 रू0 प्रति कुं0 अनुदान देय है एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना में दलहन एवं तिलहन एवं अन्तःफसल पर रू0  7500.00 अनुदान देय है। 

        आयोजित किसान दिवस में विधायक सदर योगेश वर्मा, सदस्य विधान परिषद, शशांक यादव, उप कृषि निदेशक एल0बी0 यादव, कृषि रक्षा अधिकारी सलीमुद्दीन, भूमि संरक्षण अधिकारी (गोमती) सतीश कुमार पाण्डेय, कृषि वैज्ञानिक डा0 मो0 सोहेल, जिला उद्यान अधिकारी दिग्विजय कुमार भार्गव, जिला गन्ना अधिकारी बी0के0 पटेल, सहायक निदेशक रेशम सी0एम0 गौतम, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा0 टी0के0 तिवारी, उप दुग्धशाला विकास अधिकारी श्याम सुन्दर सहित कर्मचारी एवं अधिक संख्या में कृषक भाई मौजूद रहे।

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