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सरकारें खामोश, मोक्षदायिनी का अस्तित्व खतरे में।

मोक्षदायिनी  की धारा पहले ही सिमटकर नहर और नाले जैसी हो गई है, उस पर से प्रदूषण की वजह से पानी का हरा हो जाना न सिर्फ तकलीफ पहुंचाने वाला है, बल्कि बेहद शर्मनाक भी है।


इलाहाबाद। करोड़ों देशवासियों की आस्था का केंद्र बिंदु कही जाने वाली मोक्षदायिनी गंगा का अस्तित्व ही अब खतरे में नजर आने लगा है। संगम के शहर इलाहाबाद में कुंभ मेले से ठीक पहले गंगा के पानी का रंग बदलकर एकदम हरा हो गया है। जलस्तर गिरकर काफी नीचे चले जाने से गंगा की धारा पहले ही सिमटकर नहर और नाले जैसी हो गई है, उस पर से प्रदूषण की वजह से पानी का हरा हो जाना न सिर्फ तकलीफ पहुंचाने वाला है, बल्कि बेहद शर्मनाक भी है।
जानकारों के मुताबिक़ ऐसा इसलिए है क्योंकि कानपुर के बाद गंगा सिर्फ नालों और टेनरियों के गंदे पानी के सहारे ही आगे बढ़ रही हैं, इलाहाबाद में संगम के नजदीक गंगा के पानी का रंग एकदम हरा हो जाने से शनिवार को हजारों की तादात में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाए बिना सिर्फ दर्शन कर ही वापस चले गए। गंगा की धारा को अविरल व निर्मल करने के नाम पर अरबों रुपए फूंकने वाली मोदी और योगी सरकार गंगा की इस हालत पर खामोश है, जबकि ज़िम्मेदार अधिकारियों को गंगा की इस दुर्दशा पर जवाब देते नहीं बन रहा है।

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