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वो हाँथ जोड़कर माफ़ी मांगता रहा,घमंडी टीएसआई पीटता रहा।



लखनऊ। "संईया भये कोतवाल तो, अब डर काहे का " ये कहावत अक्सर हम आप बुजुर्गो के मुँह से सुना करते है। आज इसी कहावत को पूरी तरह से हजरतगंज चौराहे पर तैनात टीएसआई अजय सिंह ने चरितार्थ कर दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार टीएसआई ने बीच चौराहे पर दबंगई और गुंडई का जो नंगा नाच किया उससे राहगीर योगी सरकार को कोसते नजर आये क्योकि टीएसआई महोदय अपनी बिरादरी का मुख्यमंत्री होने का एहसास बातों ही बातों में तमाशा देख रहे राहगीरों को करा रहे थे।
टीएसआई ने कुछ यूं दिखाई दबंगई
चिलचिलाती धूप में एक गरीब रिक्शा चालक हजरतगंज चौराहे पर आकर अपना रिक्शा टीएसआई अजय सिंह की जीप के सामने लाकर खड़ा करके उसी रिक्शा पर पेड़ की छाया में लेटकर आराम करने लगता है, अचानक टीएसआई अजय सिंह की नजर रिक्शा पर आराम कर रहे रिक्शा चालक पर पड़ते ही उनका गुस्सा सातवें आसमान पर हो जाता है। टीएसआईको गुस्सा आना भी स्वाभाविक था क्योकि एक गरीब रिक्शा चालक उनकी लाखों की लक्जरी जीप के सामने आराम जो कर रहा था, फिर क्या था टीएसआई महोदय ने रिक्शा चालक को लात-घूंसो से जमकर पीटा उसके कपडे फाड़ दिए, रिक्शे के तीनों पहियों की हवा निकाल दी।
रिक्शा चालक हाँथ जोड़कर माफ़ी मांगता रहा, लेकिन सत्ता और वर्दी के रौब में मदान्त टीएसआई का दिल नहीं पसीजा और उसे हजरतगंज थाने पुलिस  के साथ भेज दिया, टीएसआई की दबंगई देख कर राहगीर योगी सरकार को कोसते हुए जा रहे थे, ऐसे में अजय सिंह जैसे बेलगाम अधिकारियो की वजह से योगी सरकार की छवि धूमिल हो रही है।
... रिपोर्ट - हिमांशु श्रीवास्तव

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