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अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट का,योगी ने किया उद्घाटन



 .. आलमबाग बस अड्डे को लखनऊ मेट्रो से भी जोड़ा जा रहा है, इसके लिए अलग से एक रास्ता बनाया गया है। 

डेस्क। सोशल मीडिया पर इस समय लखनऊ के एक सरकारी बस अड्डे की तस्वीरें ख़ूब चर्चा में है, एक बार तो आप भी धोखा खा जायेंगे  कि ये बस टर्मिनल है या फिर कोई एयरपोर्ट, इस बस टर्मिनल का उद्घाटन आज यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत करीब ढाई करोड़ की लागत से बने इस बस अड्डे में एसी वेटिंग हॉल, नि-शुल्क ठंडा पेयजल, आरामदायक बेंच, सबवे से प्लेटफार्म रूट, फूडकोर्ट के लिए लिफ्ट, एटीएमए बैंक, ऑटोमैटिक एनॉउसमेंट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
इस सरकारी बस अड्डे का अखिलेश यादव ने शिलान्यास किया था। इसको समाजवादी पार्टी के ही सांसद संजय सेठ की कंपनी ने बनाया है। यह बस टर्मिनल 50 करोड़ रुपयों की लागत से बना। ये बस टर्मिनल अखिलेश सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट था। यूपी का अपनी तरह का ये इकलौता सरकारी बस अड्डा है जहां बसों के लिए 45 प्लेटफ़ार्म, चार रिज़र्व प्लेटफ़ार्म और 50 बसों की पार्किंग सुविधा है, 200 यात्रियों के लिए अलग से पार्किंग का इंतज़ाम किया गया है। इस बस टर्मिनल पर मॉल के साथ साथ 125 कमरों का होटल भी बनाया गया है।
आलमबाग बस अड्डे को लखनऊ मेट्रो से भी जोड़ा जा रहा है, इसके लिए अलग से एक रास्ता बनाया गया है।  जिसको सीधे बस अड्डे की पहली मंज़िल से जोड़ा गया है, मेट्रो को बस अड्डे से जोड़ने से लखनऊ से बाहर जाने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा हो जाएगी, लेकिन इस बस टर्मिनल के रख रखाव को लेकर अभी आख़िरी फ़ैसला नहीं हुआ है। 
कब और कितनी लागत में बना - यह बस टर्मिनल नवंबर 2015 में बनाना शुरू हुआ था और इसको दो साल 7 माह में लागत 55 करोड़ की लागत में तैयार किया गया। 
कितने जिलों में जाएंगी बसें - इस बस अड्डे से 40 जनपदो में पहले चरण में चलेंगी बसें, इसके लिए 432 बसों के लिए प्लेटफॉर्म 49 सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई है।

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