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महबूबा से अलग हुए अमित शाह



बैठक में पार्टी ने जम्मू कश्मीर सरकार में पीडीपी के साथ गठबंधन खत्म करने का किया फैसला
 
डेस्क। भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह के यहा हुई एक बैठक में पार्टी ने जम्मू कश्मीर सरकार में पीडीपी के साथ गठबंधन खत्म करने का किया फैसला। 

इसी के साथ महबूबा मुफ़्ती ने गवर्नर को स्तीफा सौंप दिया है। इससे पहले अमित शाह ने पार्टी के सभी मंत्रियों और कुछ शीर्ष नेताओं को आपात बैठक के लिए आज दिल्‍ली तलब किया था।
 
मिली जानकारी के अनुसार कश्मीर के नेताओं के साथ साथ अमित शाह ने भाजपा के शीर्ष नेताओं से भी मुलकात की।

बताया जा रहा है कि भाजपा अध्यक्ष कोई भी कार्रवाई करने से पहले सभी पक्षों पर विचार कर लेना चाहते थे । इसीलिए वह कश्मीर के मौजूदा हालत पर चर्चा के लिए अजित डोभाल से मिलना चाहते थे। साथ ही अमित शाह मंत्रिमंडल में शामिल पार्टी के सभी मंत्रियों की राय ली। बैठक के लिए अमित शाह सहित पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता पार्टी कार्यालय पहुंचे।

जम्मू कश्मीर में दोनों पार्टियों के बीच सीजफायर खत्म होने के बाद उठा विवाद और गहराता जा रहा था। बता दें कि रविवार को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में रमजान के दौरान घोषित किया गया युद्ध विराम समाप्त कर दिया। जिसके बाद दोनों पार्टियों के मतभेद खुलकर सामने आ गए। एक तरफ जहां पीडीपी इस सीज फायर को जारी रखने के पक्ष में है, वहीं दूसरी ओर भाजपा का मानना है कि इससे कश्मीर में आतंकी घटनायें बढ़ी हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार अभी तक जम्‍मू और कश्‍मीर को लेकर जो भी फैसला करती थी उससे पहले मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की सलाह जरूर लेती थी। उसी के बाद वहां की स्थिति को काबू में करने के लिए कोई कदम उठाती है। 

चाहे मसला रमजान के दौरान युद्धविराम हो या अलगाववादियों से बातचीत या अन्‍य फैसले। हर मुद्दे पर सीएम से सलाह मशविरा लिया जाता रहा है। लेकिन पिछले चार सालों में हर मोर्चे पर मिली विफलता के बाद मोदी सरकार अब कोई भी फैसला भाजपा मंत्रियों की सलाह के बिना नहीं लेना चाहती थी । भाजपा हाईकमान के इस रुख से PDP नाराज है। माना जा रहा था कि अगर अमित शाह सख्‍त फैसला लेते हैं तो इसका सीधा असर गठबंधन पर पड़ेगा।

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