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अधिवक्ता हितों के लिए ताउम्र संघर्ष करता रहूंगा- सतीश शुक्ला

उन्नाव। बार ऐसोसिएशन के वार्षिक चुनाव में पुनः अध्यक्ष पद की दावेदारी करने वाले सतीश कुमार शुक्ला ने अधिवक्ताओं के हक की लड़ाई को अपने चुनाव की प्रथम आंकाक्षा जता लड़ने की बात कही, इससे पहले पांच बार अधिवक्ताओं का नेतृत्व कर चुके, सतीश कुमार शुक्ल ने मीडिया से कहा कि उनकी प्राथमिकता अधिवक्ताओं के हक को दिलाना है। उन्होने कहा कि उनके प्रथम कार्यकाल वर्ष 2002 में अधिवक्ता योजना 5000/रुपए की गई थी। जिसे उन्होने दूसरे कार्यकाल के दौरान बढ़ाकर 20,000 रुपए कर दिया। इसी तरह वर्ष तीसरे 2012 में उन्होने 50,000/रुपए व चैथे 2014 वर्ष में 60,000/रुपए का भी प्रावधान कर दिया। इसी क्रम में 2016 वर्ष के पाॅचवे अपने

कार्यकाल में कार्यकारणी तथा जनरल हाउस के माध्यम में उक्त धनराशि बढ़ाकर 1,00,000/रुपए कर दी। उन्होने इसके लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान कर अधिवक्ता परिवार को राहत देने की व्यवस्था की गई। उन्होने बताया कि इस तरह से पहली बार व्यवस्था की गई कि गंभीरत बीमारी जिनमें हार्ट, किडनी, ब्रेन हैमरेज, पैरालाइज, कैंसर, तथा दुर्घटना में गंभीर गंभीर रूप से घायल अधिवक्ताओ को भी बार एसोसिएशन की ओर से 25,000/रुपए धनराशि राहत के तौर पर प्रदान की जाएगी।
छंठवे बार चुनावी मैदान में उतरे सतीश कुमार शुक्ल ने वर्तमान कार्यकारिणी के प्रमुख पदाधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि कार्यकारिणी व सदन में उक्त प्रस्ताव को अपास्त किए बिना एक जबानी आदेश पारित कर उक्त संबधी निर्णय पर रोक लगा दी। उन्होने इस पर लोकतांत्रिक प्रणाली पर उंलघन बता इसे बार कार्यकारिणी व सदन की गरिमा के विरुद्ध बताया। वर्ष 2016 में अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि गत कार्यकाल के दौरान किए गए उन सभी निर्णयों को वे निर्वाचित होने पर लागू करने के प्रति तत्पर रहेंगे। 
वर्तमान समय में अधिवक्ताओं की संख्या बढ़ी है। वहीं कोर्ट में स्थान सीमित ही है। इसलिए उनके बैठने के लिए मल्टी स्टोरी चैंबर्स की आवश्यकता पर बल देते हुए सतीश कुमार शुक्ल ने कहा कि चुनाव के जीतने पर प्राथमिकता के आधार पर प्रेक्टिस कर रहे युवा अधिवक्ताओं को बैठने की व्यवस्था करेंगे। तथा उन्हे सदैव प्रोत्साहित कर सदैव सहयोग की भावना रखेंगे। जिला न्यायालय की तर्ज पर अधिवक्ताओं के स्वास्थ्य की देखरेख व प्राथमिक चिकित्सा के लिए बार भवन में ही एक चिकित्सा यूनिट की व्यवस्था शासन प्रशासन के सहयोग से करवाने की भी बात कही। उन्होने अधिवक्ताओं की समस्याओं का निराकरण व उनके सम्मान का ध्यान बनाए रखने को पहली प्राथमिकता बताते हुए कहा कि वे  सदैव अधिवक्तागण के हक की लड़ाई पर सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होने कोर्ट परिसर में विद्युत आपूर्ति में बाधा को बेहद गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि वे अबाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का प्रयास निर्वाचित होने पर करने का प्रयास करेंगे। उन्होने कचहरी परिसर में वाहनों के बेतरतीब खडे़ होने को बड़ी समस्या बताते हुए उसे व्यवस्थित करने पर सार्थक प्रयास पर जोर देने की बात कही। 
उन्होने पूर्व में भी अधिवक्ताओं के बहुमूल्य सहयोग पर आभार जताते हुए कहा कि उनके कृतित्व, स्वच्छ छवि, मिलनसारिता, कर्मठता, तथा योग्यता के आधार पर पाॅच बार लगातार अध्यक्ष पद चुन सेवा का अवसर प्रदान अधिवक्ता समाज ने किया है। उन्हे छठी बार अध्यक्ष निर्वाचित कर अपनी सेवा का अवसर जरूर मिलेगा। इस दौरान अधिवक्ताओं में सेंट्रल बार से संस्थापक सदस्य केपी अवस्थी, मोहम्मद अफजाल आब्दी, अनुज निगम, अरविन्द्र सिंह, शिवराज सिंह चौहान, राजेश यादव, मोहम्मद अहमद, शीतला देवी, मुकेश यादव, के के लोधी विनोद यादव समेत करीब आधा सैकड़ा अधिवक्ता मौके पर मौजूद रहे। 

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