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बस सेवा के बहाने सहेजे जा रहे त्रेता युगीन रिश्ते



संवाद सूत्र : एजेंसी 
अयोध्या/फैजाबाद। अयोध्या और नेपाल के बीच संबंध अनंतकाल से मधुर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी का नेपाल दौरा आगामी 11 मई को प्रस्तावित है। सबकुछ ठीक रहा तो इसी दिन अयोध्या से जनकपुर के बीच प्रस्तावित बस सेवा को हरी झंडी दिखाई जाएगी। कार्यक्रम के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 12 मई को अयोध्या में होंगे। वह जनकपुर-अयोध्या बस सेवा का स्वागत करेंगे। इसकी तैयारियों के लिए परिवहन आयुक्त पी गुरुप्रसाद बुधवार को अयोध्या पहुंचे। 11 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनकपुर से जनकपुर अयोध्या बस सेवा का शुभारंभ करने जा रहे हैं। 
अयोध्या-जनकपुर के बीच एससी बस 
परिवहन निगम क्षेत्रीय प्रबंधक एसके शर्मा ने बताया कि अयोध्या से जनकपुर के बीच एससी बस सेवा शुरू करने का प्रस्ताव सरकार ने तैयार किया है। इस पर कार्य चल रहा है। संचालन की रूपरेखा उच्चाधिकारियों के मार्गदर्शन में तैयार की जा रही है। उल्लेखनीय है कि त्रेतायुग में देवी सीता और भगवान राम के विवाह ने इस अनूठे रिश्ते की नींव तैयार की थी। तब बंधी रिश्तों की इस डोर को मोदी-योगी सरकारें और मजबूत अटूट करने जा रही है। प्रदेश सकरार ने अयोध्या से जनकपुर के बीच बस सेवा प्रस्तावित की है। सरकार की इस पहल से भारत और नेपाल के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों में और मिठास बढऩे की उम्मीद जताई जा रही है। 
परिवहन निगम की तैयारियां मुकम्मल 
बस सेवा को शानदार अंजाम तक पहुंचाने की कवायद में परिवहन निगम पूरी तैयारी से जुटा है। परिवहन निगम ये मानकर अपनी तैयारियों को मुकम्मल करने में जुटा है। हरी झंडी दिखाने की तिथि से पहले निगम में बस संचालन की टाइमिंग व टिकट की धनराशि पर मंथन चल रहा है, जो एक-दो दिन में तय हो जाएगा। भारत में अयोध्या व नेपाल में जनकपुर प्रमुख धार्मिक केंद्रों हैं। हर वर्ष लाखों लोग दोनों स्थानों की तीर्थयात्रा करने आते हैं। दोनों केंद्रों को निकट लाने में बस सेवा काफी कागर मानी जा रही है। अयोध्या से जनकपुर के लिए आरंभ की जा रही बस सेवा पूरी तरह से वातानुकूलित है। बस सेवा साप्ताहिक होगी या फिर नियमित, यह आमदनी पर निर्भर करेगा। अयोध्या से गोरखपुर, सीतामढ़ी (बिहार) होते नेपाल स्थित जनकपुर पहुंचेगी। परिवहन निगम के अधिकारियों की माने तो नेपाल से भी अयोध्या के बीच बस सेवा आरंभ होने जा रही है। आगामी 11 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेपाल दौरा प्रस्ताव है, उम्मीद है कि दोनों देशों के प्रधानमंत्री एकसाथ इस बस सेवा को हरी झंडी दिखाएंगे। 
जनकपुर-अयोध्या बस सेवा के बहाने सहेजे जा रहे त्रेता युगीन रिश्ते 
जनकपुर-अयोध्या बस सेवा महज एक परिवहन सेवा नहीं बल्कि एक मित्र देश के दूसरे मित्र राष्ट्र के प्रति मधुर संबंधों का प्रमाण है। भारत नेपाल के बीच बस सेवा के जरिए त्रेतायुगीन रिश्तों को नवीनता देने की कवायद माना जा रहा है। जनकपुर-अयोध्या बस सेवा के बहाने दोनों मित्र देशों के बीच गमनागमन की सीमा रेखा का अहसास घटेगा। सीता विवाह के बाद अयोध्या और जनकपुर के बीच जो संबंध विकसित हुए उनका विवरण रामचरित मानस में भी मिलता है। यह बस बिहार के सीतामढ़ी और यूपी के गोरखपुर होकर जनकपुर से अयोध्या पहुंच रही है। 
बस से जुड़े खास तथ्य 
· दूरी-520 किलोमीटर 
· किराया-800 रुपये 
· श्रेणी- वातानुकूलित 
जनकपुर के लिए हर साल जाती राम बारात 

हालांकि वक्त बीतने के साथ इन संबंधों को सहेजने की जो चुनौती पैदा हुई उसे अयोध्या से जनकपुर के लिए निकलने वाली राम बारात दूर करती रही। ये बारात विश्व हिंदू परिषद की ओर से प्रतिवर्ष निकाली जाती है। इस परंपरागत आयोजन ने दो देशों के बीच पुराने संबंधों की मधुरता को बनाए रखा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से जनकपुर से अयोध्या के बीच शुरू हुई बस सेवा दोस्ती के इस रिश्ते को नया आयाम देगी। 12 मई को ये विशेष बस अयोध्या पहुंच रही है, इसकी अगुवानी करने के लिए खुद सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मौजूद रहेंगे। जाहिरा तौर पर मोदी सरकार की ये पहल भारत-नेपाल रिश्तों को ऊर्जा प्रदान करने वाली होगी। 

पुराने रिश्ते मजबूत करने की जरुरत 
भारत और नेपाल दोनों ही पुराने मित्र रहे हैं। विभिन्न कारणों से इस रिश्ते को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रह थी। मोदी सरकार ने उसी दिशा में पहल की है। जनकपुर और अयोध्या के बीच आस्था की मजबूत डोर भी मौजूद है। दोनों स्थानों पर हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। इस बस सेवा की शुरुआत से संत-महंत व अयोध्या आने वाले नेपाली श्रद्धालुओं में भी खासा उत्साह है। लोगों के रुझान को परखने के लिए एक दिन पूर्व जनकपुर-अयोध्या बस सेवा के प्रचार प्रसार के लिए रोडवेज के अधिकारियों ने अयोध्या में मौजूद नेपाली श्रद्धालुओं से संपर्क किया तो उन्होंने भी प्रसन्नता जाहिर की। 

520 किलोमीटर लम्बी बस यात्रा शुरू करेंगे प्रधानमंत्री मोदी 
जनकपुर से चल कर अयोध्या पहुंचने वाली वातानुकूलित बस 520 किलोमीटर की यात्रा तय करते हुए अयोध्या पहुंचेगी। शुक्रवार को नेपाल से रवाना हुई बस गोरखपुर पहुंच रात में वहीं रुकेगी। दूसरे दिन 12 मई को प्रात: नौ बजे बस यात्रियों को लेकर अयोध्या पहुंचेगी। यहां एक होटल पर जलपान के बाद यात्रियों को लेकर बस रामकथा पार्क पहुंचेगी, जहां सीएम बस यात्रियों का स्वागत करेंगे। यात्री 12 मई को यहीं रात्रि विश्राम व अयोध्या भ्रमण करेंगे। 13 मई को ये बस आए हुए यात्रियों को लेकर वापस नेपाल रवाना होगी। नेपाल सरकार की ओर से चलाई गई 35 सीटों वाली इस एसी बस में यात्रियों की सुविधा का पूरा बंदोबस्त किया गया है। पहले फेरे में नेपाल सरकार के अधिकारी व विशिष्ट यात्री ही शामिल होंगे। इनके ठहरने व भ्रमण की व्यवस्था यहां प्रशासन की ओर से की गई है। बस की सुरक्षा को लेकर पुलिस स्कोर्ट की व्यवस्था भी की गई है। 

बस का टाइम टेबल अभी तय नहीं 
बस का टाइम टेबल अभी तय नहीं किया गया लेकिन माना जा रहा है कि बस के अयोध्या से वापस होने तक ये प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी। अभी तक रोडवेज महकमे को दूरी और फेरे की सूचना ही मुख्यालय की ओर से मुहैया कराई गई है। क्षेत्रीय प्रबंधक एसके शर्मा ने बताया कि बस 520 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। प्रतियात्री किराया करीब आठ सौ रुपये होगा। किराये में मामूली फेरबदल भी हो सकता है। 

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