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इलैक्ट्रिक स्कूटर्स के लिए नौनिहालों को मिलेगा लाइसेंस

डेस्क। यूनियन ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार इलैक्ट्रिक स्कूटर्स चलाने के लिए 16 से 18 साल के बच्चों को लायसेंस दिए जाने की तैयारी में है. फिलहाल मोटर व्हीकल एक्ट 1988 में यह प्रवधान है कि 16 से 18 साल की उम्र के बच्चों को गियरलेस स्कूटर चलाने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इस स्कूटर को 50cc या उससे नीचे होना अनिवार्य है. दुर्भाग्य से भारत में कोई ऐसी स्कूटर बेची ही नहीं जाती जो 50सीसी से कम पावर वाली हो. ऐसे में नितिन गडकारी का मानना है कि इस कदम से जवान हो रहे युवकों में आने वोल समय में इलैक्ट्रिक वाहनों को लेकर चाह जगेगी। 
गडकरी ने यह पुष्टि भी की है कि भारत में इलैक्ट्रिक कारों पर हरे रंग की नंबर प्लेट लगाई जाएगी और इलैक्ट्रिक टैक्सी की नंबर प्लेट पीले रंग की होगी. गडकरी ने कहा कि, “भारत सरकार ने इस बात पर सहमति दे दी है कि लोगों में इलैक्ट्रिक वाहनों के प्रति रुति बढ़ाने के लिए प्राइवेट ई-कारों पर हरे रंग की नंबर प्लेट लगाई जाएगी.” इस हरी नंबर प्लेट से काफी सहूलयत होगी, कार को पार्किंग में आसानी से पहचाना जा सकेगा, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में फ्री एंट्री होगी और टोल शुल्क में छूट भी मिलेगी. सरकार वाहनों के इलैक्ट्रिफिकेशन पर काफी ध्यान दे रही है और इसके लिए टैक्सी चालकों या कंपनियों को भी इस तरफ ध्यान देने की पहल सरकार कर रही है
सड़क परिवहन और हाईवे मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि, “सरकार ने टैक्सी सेवा देने वाली कंपनियों से भी बात की है जिसमें 2020 तक इलैक्ट्रिक टैक्सी को बड़ी संख्या में सड़कों पर उतारने की बात कही गई है, ई-कारों का ये आंकड़ा कुल टैक्सी की संख्या का 1 प्रतिशत रखा जा सकता है.” समान रूप से सभी पब्लिक ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स को भी कुल वाहनों की संख्या का 1 प्रतिशत इलैक्ट्रिक वाहन रखने की बात कही गई है. ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री ने इस मामले में वित्त मंत्रालय ने साधारण वाहनों पर मिलने वाले 15 प्रतिशत डेप्रिसिएशन रेट को इलैक्ट्रिक वाहनों के लिए 50 प्रतिशत करने की बात भी कही है

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