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बदहाली की कगार पर डाकघर

-कलेक्ट्रट भवन मे स्थापित भवन में महज दो कर्मचारी
उन्नाव। डाकघर में शिर्फ दो कर्मचारियों की नियुक्ति साफ साफ विभागीय लापरवाही जाहिर करती है। जबकि यह डाकघर कलेक्ट्रट भवन मे स्थापित होने के चलते प्रशासनिक स्तर पर भी बेहद अहम माना जाता है। कचहरी में अधिवक्तागण रजिस्ट्री आदि के लिए डाकघर कलेक्ट्रट भवन मे स्थापित होने साथ-साथ ही कचहरी के समीप होने के चलते बेहद व्यस्त रहने वाले डाकघरों में माना जाता है। 
डाकघर मे चन्द्र कदमों दूर प्रधानडाकघर होने के बाद भी सर्वाधिक व्यवसायिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। सरकारी पैसा आदि जमा करने का सबसे मुफीद बना डाकघर प्रशासनिक भवन में होने के चलते बेहद सुरक्षित माना जाता हैं इस सबके होने के बाद भी डाक विभाग के लिए सोने की चिडि़या बने डाकघर को लेकर डाकविभाग के अधिकारियों ने इसको लेकर कोई खाश दिलचस्पी नहीं ली है। जिसके चलते आम नागरिकों को खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। इस विषय में अधिवक्ता व बसपा विधानसभा अध्यक्ष देवरत्न गौतम ने बताया कि डाकघर का रवैया काफी चिन्ताजनक है। लोगों को लाइन मे लग कर घंटो इतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद सर्वर न आने की समस्या सों अलग है। युवा नेता शिवम के अनुसार छोटे डाकघर के तौर पर जाने वाले इस डाकघर की दशा बेहद दयनीय है। सचिन के अनुसार उन्हे कचहरी में कई बार डाकघर के सिलसिले में वहाॅ पर जाना पड़ां। जहाॅ उन्हे भारी असुविधाओ का सामना करना पड़ा। अधिवक्ता दिनेश गौरव के अनुसार जिस प्रकार यह डाकघर चल रहा है। उससे डाकविभाग द्वारा आम नागरिकांे के प्रति असंवेदशीलता दर्शाता है। अधिवक्ताओं में दीपक कुशवाहा, राकेश कुमार अमित तिवारी, आदित्य त्रिपाठी, ललित पाडेंय समाजसेवी शैलेंद्र पाडें आदि ने भारी रोष प्रकट किया।