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जख्म दिए होते गैरों नेे तो अफसोस नहीं होता- शिव बहादुर सिंह दिलवर

उन्नाव। पं. सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला के गाँव गढ़ाकोला में निराला शिक्षा निकेतन के वार्षिकोत्सव में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया,जिसमें कवियों ने अपनी-अपनी रचनाओं से समाज को नई दिशा देने का कार्य किया। कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ वागेश्वरी निराला के चित्र पर पुष्प माला अर्पित कर संजीव तिवारीपिंटूकी वाणी वन्दना से हुआ। कि बड़ी दुत्कार पावा अपनाए लींह्यों ,बिगड़ी किस्मति हमारिउ बनाए दीन्ह्यो। इसके बाद मनोज सरल ने पढ़ा कि रुकना झुकना कभी सीखे नहीं हर मंजिल का पथ दूर नहीं। प्रमोद प्रखर ने पढ़ा- बच्चों में इंसान छुपा है, बच्चों में ईमान छुपा है, और कहाँ तक गौर करो तो, बच्चों में भगवान छुपा है।
कु. सन्ध्या सिंह ने सीमा के सिपाहियों के लिए पढ़ा- शरहद पर जो वीर डटे हैं उनका आज सलाम लिखुँ, इतिहासों में जो दबे हुए हैं उनका गौरवगान लिखूँ। शिव बहादुर सिंह दिलवर ने पढ़ा- जख्म दिए होते गैरों नेे तो अफसोस नहीं होता, गम तो ये है इसमें शामिल हैं जाने पहचाने लोग। रोशन लाल यादव ने पढ़ा- जी पान पसाला नशा करैं उइ खुदै गर्त मा गिरि जइहैं,यहि हिंदुस्तानी बगिया मा फूल कबो खिलि पइहैं।डॉ. मान सिंह ने पढ़ा- आसमान से गिरा जमी पर घायल एक परिंदा हूँ, तुम क्या जानो कितने जख्म झेल कर भी मैं जिन्दा हूँ।अन्य कवियों में बाबा कल्पेश, गणेश कुशवाहा, मधुराज, प्रमोद सिंह,अयोध्या प्रसाद आदि ने भी काव्य पाठ किया।अध्यक्षता रमेश चंद्र तिवारी ने की और संचलन योगेंद्र अक्खड़ ने किया। कार्यक्रम में पुरवा ब्लॉक प्रमुख शिव बहादुर सिंह पटेल, रजनीश वर्मा, सांसद प्रतिनिधि बीघापुर संजय शुक्ला, जिला पंचायत सदस्य विनोद लोधी, विधान सभा अध्यक्ष प्रतिनिधि अरुण दीक्षित सहित अन्य तमाम गणमान्य लोगों ने शिरकत की और विद्यालय के छात्र छात्राओं को पुरष्कृत किया।आर टी कार्यालय से आये हरि राम पांडेय ने सड़क के नियमों की जानकारी दी और हेलमेट वितरित किये। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रेम शंकर लोधी ने सभी का आभार प्रगट किया