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बद से बद्तर के हालात मे पहुंच गया तौरा लिंकमार्ग

उन्नाव। जिला पंचायत विभाग के लाख दावों के  बावजूद भी ग्रामीणांचलों की हालत बद् से बद्तर हो चली है। बरसात क¢ समय तो दूर दराज के   ग्रामवासी जहाॅ तहाॅ ही फॅस रह जाते हैं। कुछ यही हाल ग्राम तौरा लिंक नवाबंगज मार्ग का है। क्षेत्र पंचायत में कई बार मार्ग को लेकर मामला उठने के बाद भी ग्राम तौरा  में मार्ग का निर्माण नहीं कराया जा सका। जिससे ग्रामीण आम रास्ते में मौजूद घुटनो तक कीचड़ से गुजरने को विवश हैं। 
बताते चले तौरा से नवाबगंज लिंक मार्ग में जगह जगह सड़के अति जर्जर हो चली हैं। जिसके चलते आम यात्री लिंक मार्ग से निकलने से कतराने लगा है। वहीं आए दिन लोग सड़क पर गिर कर घायल हो रहे है। 
इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने क्षेत्र के प्रतिनिधियों से मामले को लेकर कई बार अवगत कराया था। इसके बावजूद अभी तक मामले से लेकर किसी प्रकार का हल ग्राम बल्लापुर नहीं निकल सका है। राजेश ने बताया कि तौरा लिंक रोड से शुरू होते ही तौरा बस्ती के अन्दर आनंद मिश्रा के मकान के सामने मिश्रा मोहल्ले के लोगों की लापरवाही के चलते नालियो का पानी सड़क भरा हुआ है। जिसके कारण सड़क का डामर छूट कर वहाॅ पर गड्ठा बन गया हैं। जहाॅ से निकलने वाले यात्रियो को जरा सी असवाधनी के चलते अक्सर वे गिर कर चोटहिल हो जाते है। वहीं तौरा की मस्जिद के सामने भी सड़क तालाब की शक्ल ले चुकी है। जहाॅ पर बरसात के दिनो की तो बात छोड़ दीजिए। आम दिनों में भी यहाॅ पर तालाब की शकल में नालियो का पानी भरा रहता हैं। यहां से कुछ दूरी पर ही एक और सड़क पर ही तालाब दिखता हैं वहाॅ पर भीभीषण जलभराव और कीचड़ है। ग्रामीणों को इसी कीचड़मय रास्ते से ही जाना होता है। 
रास्ते में कीचड़ भरा होने से सिर्फ राहगीरों को ही परेषानी नही होती बल्कि यह बीमारियों का घर भी बना हुआ है। पिछले बार कई प्रतिनिधियो ने मामले को लेकर समुचित निदान को लेकर कहा था। लेकिन करीब एक वर्ष हो जाने के बाद भी अभी तक किसी प्रकार से समस्या को लेकर निजात मिलना मुस्किल दिख रहा है। परन्तु अभी तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही न होने के चलते ग्रामीणों में हताशा व्याप्त है। इसी तरह बखतखेड़ा, कुदिकापुर, मद्दीखेड़ा म्यादपुर आदि दर्जनों ग्रामों के लोग नरक से बद्तर जिंदगी गुजर बसर कर रहें है। 
उक्त समस्या न हल होने के चलते राकेश, अमर, शिवाकांत गुप्ता, सजयं गौतम, बबलू रावत, अरविंद प्रजापति, दिनेश तिवारी, उमाकांत रैदास, रामनरायण गौतम, राम चन्द्र दीक्षित, उमेश गुप्ता, सोनू स्वर्णकार, बच्चन तिवारी, डिंपी भोंदू, यूवा नेता विवेक तिवारी आदि ने आक्रोश प्रकट किया।