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माह के पहले दिन शहर की सड़के रही सूनी

-गरमी के प्रकोप से नौनिहालो व वृद्धों को बचने की सलाह
उन्नाव। अप्रैल के पहले दिन रविवार के दिन ने सबका स्वागत अपनी तेज धूप के साथ किया। रविवार का दिन तापमान के सख्त रूख के चलते बेहद गरम दिनों की तरह रहा। जहाॅ तपिश के तेवर किसी भी रूप में कम नही दिखे। जिसके चलते आम राहगीरों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार को करीब 43 डिग्री न्यूनतम व 31डिग्री0 सेल्सियस रहा। साथ ही उमस भरी भीषण गर्मी को न झेल पाने से मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। शनिवार से रविवार के मध्य करीब 30 के आसपास गरमी को न झेल न पाने से जिला अस्पताल में भर्ती हुए। वही प्राइवेट नर्सिंग होम में मरीजों की सख्या आधा सैकड़ा से उपर हो चुकी है।
चिलचिलाती धूप में सफर करने वाले बुरी तरह परेशान नजर दिखे। महिलाए पुरूष सभी अपने आप को पुरी तरह से ढक कर ही घर से बाहर निकले। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या देखते हुए बेडों की संख्या कम पड़ती जा रही है। वहीं शहर के प्रमुख बाजारों में दोपहर होते होते ग्राहकों की सख्या अपेक्षाकृत कम होती जा रही है। लोग पिछले दिनों की वनिस्पत कम निकलना पसंद कर रहे है। शहर के बड़ा चैराहा, छोटा चैराहा, सुदंर टाकीज रोड, केशरगंज पुरानी बाजार, धवन रोड, स्टेशन रोड, पुरननगर, लोकनगर, पीडीनगर, इंद्रानगर, आदर्शनगर, नहरिया, ईदगाह रोड, गांधीनगर, एबीनगर, डीएसएन कालेज रोड, तालिबशराय, अनवार नगर, मोतीनगर, सिविललाइन, कल्याणी देवी, जुराखनखेड़ा, विनोबानगर, पितांबरनगर, पुलिस लाइन, गदनखेड़ा बाइपास, चन्द्रशेखर आवास विकास कालोनी बाइपास आदि कई मार्गो पर दोपहर के आसपास सड़के खाली रही।
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http://www.thepenpalnews.in/2018/03/Madhaypradesh-hanuman-jaynti.html
भीषण गर्मी का शिकार बन रहे नौनिहाल
भीषण गर्मी का प्रकोप दिन प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। रात में ठंड के बाद दिन चढ़े गर्मी झेल रहे नागरिकों में सबसे ज्यादा असर नौनिहालों व बूढ़ों पर पड़ रहा है। जिसके चलते वे गर्मी का सबसे अधिक शिकार होते दिखाई दे रहें हैं।
घर से कम से कम निकलने व सूती कपड़े पहनने की सलाह दे रहे चिकित्सक
डा0 अनवर सईद के अनुसार बूढ़े व बच्चों को धूप मे कम से कम निकलना चाहिए। उन्होने कहा कि सभी को स्वच्छ पानी पर्याप्त मात्रा में पीना चाहिए। जिससे शरीर में पानी की मात्रा कम न पड़े। उन्होने कहा कि आगामी कुछ दिनो बाद लू चलने पर स्थिति और भी भयावह हो सकती है। यदि हम पहले से तैयारी नही करते हैं तो हम बीमार पड़ सकते हैं। वहीं उन्होने बताया कि सूती कपड़ों मे खासिसत होती है कि वे शरीर का तामपान जल्द गिरने नहीं देते। सूती कपड़ों में एक और खासियत होती है। वह यह कि इन कपड़ों से लू के थपेड़ों से हमारा बचाव होता है।