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आइये जाने कब कब लगी जेल में विशेष अदालत

डेस्क। नाबालिग से रेप के मामले में आसाराम को जोधपुर कोर्ट ने दोषी करार दे दिया है। खास बात यह है कि सुरक्षा कारणों से जोधपुर सेंट्रल जेल में ही अदालत लगी और वहीं फैसला सुनाया गया. भारत के इतिहास में ऐसे चंद मौके ही आए हैं, जब जेल में अदालत लगाकर आरोपी को सजा सुनाई गई हो। आइये जानते हैं उन चुनिंदा मामलों के बारे में जब जेल में अदालत लगी।
1 - इंदिरा गांधी के हत्यारों के लिए तिहाड़ जेल में लगी थी अदालतः-
देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को उन्हीं के सुरक्षाकर्मियों ने गोलियों से भून दिया था. इस घटना ने पूरे देश को हिला दिया. घटना के आरोपी सुरक्षाकर्मी बेअंत सिंह और सतवंत सिंह को तिहाड़ जेल में रखा गया था और सुरक्षा कारणों से इनके लिए जेल में ही अदालत लगी थी और फांसी की सजा सुनाई गई थी। .

2 - आतंकी कसाब को जेल में सुनाई गई सजाः-
26 नवंबर 2008 (26ध्11) की चर्चा होते ही आंखें नम हो जाती हैं. आतंकी अजमल आमिर कसाब समेत दस आतंकियों ने मुंबई में हमला कर दिया था. जिसमें कई लोगों की जान गवानी पड़ी थी. इस मामले में सुरक्षा कर्मियों ने अजमल आमिर कसाब को पकड़ा था और उसे आर्थर रोड जेल में रखा गया. कसाब के ट्रायल के लिए ऑर्थर रोड जेल को ही चुना गया. यहीं उसे फांसी की सजा सुनाई गई और फांसी दी गई थी.
3 - राम-रहीम के लिए जेल में लगी अदालतः-
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का मामला भी बेहद नाटकीय रहा. सुरक्षा कारणों से राम रहीम के लिए रोहतक की जेल में विशेष अदालत लगी और दोषी करार दिया गया. सजा भी सुनाई गई.। सजा सुनाए जाने के बाद राम रहीम के समर्थकों ने जमकर हंगामा काटा.।

4- और अब आसाराम के लिए जेल में लगी अदालतः-
 नाबालिग से रेप के मामले में जोधपुर कोर्ट ने आसाराम को दोषी करार दिया है. जेल में ही अदालत लगी और वहीं जज ने अपना फैसला सुनाया. इससे पहले सुरक्षा कारणों से पूरी जेल को किले में तब्दील कर दिया गया था. भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात की गई थी.

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