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बाराबंकी पुलिस का एनकाउंटर सवालों के घेरे में

NEWS DESK - बाराबंकी में पुलिस का एनकाउंटर सवालों के घेरे में हैं।
तथाकथित अपराधी आकाश यादव ने पुलिस एनकाउंटर को फर्जी बताया है। पुलिस गुरुवार तड़के आकाश यादव नाम के एक अपराधी का एनकाउंटर किया था। आकाश दाहिने पैर में पुलिस की गोली लगने से घायल हुआ है और अस्पताल में भर्ती है। अस्पताल में मीडिया से बातचीत में आकाश ने पुलिस मठभेड़ को फर्जी करार दिया। आकाश ने बताया कि पूछताछ के नाम पर बाराबंकी पुलिस ने उसे उठाया था बाद में पुलिस ने मेरा मुंह ढककर मुझे गोली मार दी।
 बता दें पुलिस ने दरियाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत नवाबगंज पुलिया के पास हुए मुठभेड़ में आकाश यादव को गिरफ्तार करने का दावा किया है।
पुलिस के इस एनकाउंटर को फर्जी ठहराते हुए मुठभेड़ में घायल तथाकथित अपराधी आकाश यादव ने पूरी थ्योरी पर सवालिया निशान लगा दिया है। कैमरे के सामने दिए बयान में आकाश यादव ने बताया कि बुधवार की शाम बाराबंकी पुलिस ने मुझे पूछताछ के नाम पर उठाया था।  जब मैंने पुलिस से पूछा कि मुझे कहां लेकर जा रहे हैं तो उन लोगों ने बताया कि तुमसे कुछ पूछताछ करनी है। पूछताछ करके तुम्हें छोड़ दिया जाएगा।  आकाश ने बताया कि पुलिस ने मुझे बुधवार शाम करीब साढ़े तीन बजे लेकर दरियाबाद आई। उसके बाद यहां लाकर मेरा मुंह ढक दिया और मेरे पैर में गोली मार दी। मुंह ढका होने की वजह से मैं कुछ देख नहीं सका।  आकाश के मुताबिक मैं पुलिस से पूछता रह गया कि मुझे क्यों गोली मार रहे हो लेकिन उन लोगों ने कुछ भी नहीं बताया। गोली मारने के बाद करीब साढ़े पांच बजे मुझे यहां इलाज को लेकर आए हैं। आकाश ने बताया कि जब मैं यूनिवर्सिटी में पढ़ता था तो मेरे ऊपर कुछ मारपीट के मामले दर्ज थे। इसके अलावा मेरे ऊपर कोई भी मुकदमा नहीं है। आकाश यादव के परिजन बाराबंकी पुलिस के एनकाउंटर को फर्जी बता रहे हैं। आकाश यादव के परिजन चिल्ला चिल्लाकर कर रहे हैं कि उत्तर प्रदेश में पुलिस प्रशासन का गुंडाराज चल रहा है।  पुलिस किसी को भी उठाकर गोली मार देती है और उससे कोई भी कुछ नहीं पूछता है। परिजनों ने सवाल उठाया कि जब पुलिस आकाश को पूछताछ के लिए लेकर आई थी तो उसे दरियाबाद लेकर क्यों गई। आकाश को पुलिस ने फर्जी तरीके से पैर में गोली मारी है। आकाश के चाचा ने आरोप लगाया कि आकाश को बुधवार को लखनऊ के महानगर में सचिवालय कॉलोनी से उठाया गया। मेरे पास कई गवाह हैं। उसके बाद रात में फर्जी मुठभेड़ दिखाई गई।  हम लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस इस मुठभेड़ के पीछे अलग कहानी बताकर अपनी पीठ थपथपा रही है। जिला अस्पताल पहुंचे बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक शशिकांत तिवारी ने बताया कि पुलिस ने दरियाबाद थाना क्षेत्र में मुठभेड़ की है। जिसमें तीन अपराधी एक मोटरसाइकिल से जा रहे थे। तभी उन लोगों को रोका गया।  लेकिन उन लोगों ने पुलिस वालों पर ही गोली चला दी।  जिसका जवाब देते हुए पुलिस ने भी गोली चलाई। मुठभेड़ में एक अपराधी को पैर में गोली लगी है। बाकी दो अपराधी भागने में कामयाब हो गए। शशिकांत तिवारी ने बताया कि अपराधी के पास से भारी मात्रा में कारतूस और असलहे बरामद हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने फर्जी एनकाउंटर के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि परिजनों के विरोध के दूसरे कारण हो सकते हैं। लेकिन ये एनकाउंटर पूरी तरह से सही है। मामले में बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक वीपी श्रीवास्तव ने इस एनकाउंटर के बारे में बताते हुए कहा कि घायल अपराधी के पास से काफी मात्रा में हथियार मिले हैं। पुलिस ने इनके पास से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है जिसका नंबर इन लोगों ने खुरच के हटा दिया था। एसपी ने बताया कि इन लोगों का आपाराधिक इतिहास कई जनपदों में है।  पुलिस उसकी भी जांच कर रही हैण् इसके साथ ही फरार अपराधियों की भी तलाश की जा रही हैण् इस बीच मामले में सियासत भी शुरू हो गई हैण् कांग्रेस के राज्य सभा सांसद पीएल पुनिया भी आकाश यादव से मिलने अस्पताल पहुंचे और सरकार व पुलिस को कटघरे में खड़ा कियाण् आपको बता दें कि ये पहला मौका नहीं है जब बाराबंकी पुलिस के एनकाउंटर पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बीते फरवरी महीने में भी बाराबंकी पुलिस अपराधियों का एनकाउंटर करके सुर्ख़ियों में आई थी। उस समय भी मुठभेड़ में घायल शख्स ने बताया थी कि पुलिस उसे और उसके साथियों को तीन दिन पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी। उसके बाद प्लान करके हम लोगों के साथ मुठभेड़ दिखाई गई।  जिसके बाद उन तथाकथित अपराधियों के बयान से सनसनी फैल गई थी।

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