Ad

style="width:640px;height:100px;" alt="ads" /> ads

Breaking News

अवैध वेंडरों ने ताप्ती गंगा एक्सप्रेस में की मारपीट

News desk - ताप्ती गंगा एक्सप्रेस ट्रेन में वैध और अवैध वेंडर के आमने सामने आ जाने से दोनों में जबरदस्त टकराव हो गया। इसमें लगभग तीन लोग लहूलुहान हो गए। बताया जाता है कि कुछ जख्मी अवैध वेंडर मारपीट करने के बाद पुलिस और मुकदमे से बचने के लिए भाग निकले। हालांकि ट्रेनों में सुरक्षा व संरक्षा की बात जोरों पर हो रही है लेकिन हकीकत में यात्री और ट्रेन में सवार रेल कर्मचारी सुरक्षित नहींं हैं। खतरा तब और बढ़ जाता है जब सुरक्षा करने की जिम्मेदारी जिसके पास हो वही अगर हमलावरों के साथ हो ले। ये बातें ऐसे ही नहीं कही जा रहीं। जौनपुर में शुक्रवार को मारपीट की घटना ने इसकी पुष्टि कर दी। इसमें ताप्ती गंगा एक्सप्रेस के पैंट्रीकार में सवार अनुबंधित संस्था के तीन वेंडर गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। वाराणसी कैंट स्टेशन पर ट्रेन पहुंची तो उनकी तहरीर पर जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर सभी को अस्पताल में भर्ती कराया। 
 
छपरा से वाराणसी होते हुए सूरत जाने वाली ताप्ती गंगा एक्सप्रेस करीब 3:50 बजे जौनपुर स्टेशन पहुंची। इस ट्रेन के पैंट्रीकार की जिम्मेदारी अनुबंधित संस्था वृंदावन फूड प्रोडक्ट की है। संस्था के वेंडर ट्रेन में यात्रियों को नाश्ता दे रहे थे। इसी दौरान अवैध वेंडर भी ट्रेन में सवार हो गए। पैंट्रीकार के वेंडरों ने उनका विरोध किया तो दोनों पक्षों के बीच तू तू मैं मैं होने लगी। इसके बाद अवैध वेंडर के कई साथी वहां पहुंच गए। यह देख ट्रेन वेंडर ने बोगी का गेट बंद कर दिया। आरोप है कि आरपीएफ के एक जवान ने उनको सुरक्षा का भरोसा देते हुए दरवाजा खुलवा दिया। इसके बाद लाठी डंडे से लैस दो दर्जन से अधिक अवैध वेंडरों ने हमला बोल दिया। इसमें मोतिहारी बिहार निवासी पैंट्रीकार मैनेजर कुणाल सिंह बलिया निवासी वेंडर संजय वर्मा व गया बिहार निवासी सुदर्शन कुमार लहूलुहान हो गए। कुछ यात्रियों ने साहस दिखाकर उन्हें बचाया। संयोग यह भी था कि तभी ट्रेन चल दी जिसमें जख्मी तीनों वेंडर सवार हो गए। करीब एक घंटे बाद ट्रेन वाराणसी कैंट स्टेशन पहुंची तो जख्मी तीनों वेंडरों ने जीआरपी थाना में मुकदमा दर्ज कराया। प्रभारी निरीक्षक जेपी सिंह ने घायल वेंडरों को मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया। 


No comments