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बड़ी बहन ने सौतन बनी छोटी बहन पर फेका तेजाब

प्रेसवार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षिका पुंष्पाजंलि देवी
 उन्नाव। पुलिस अधीक्षिका पुंष्पाजंलि देवी की सक्रियता के चलते थाना अचलंगंज के अन्तर्गत हुए तेजाब कांड को लेकर अपराधियो की तलाश में जुटी पुलिस ने मामले की तह तक जाने में देर न लगाई। मामला खुलने के बाद तेजाब से झुलसी युवती की अपराधी और कोई नही उसकी अपनी बहन ही निकली।
पाण्डेयखेड़ा में घर के बाहर सोते समय युवती पर तेजाब किसी और ने नहीं बल्कि उसकी बड़ी बहन ने ही डाला था। उसे छोटी बहन और पति के बीच आयी नजदीकी काफी
बड़ी बहन अंजू
दिनों से अखर रही थी। इसी के चलते उसने पहले तो खुद को खत्म करने का फैसला लिया, लेकिन दोनों बच्चों का ख्याल करके रुक गई। इसके बाद छोटी बहन को ही रास्ते से हटाने का फैसला करते हुए रणनीति तैयार की। फोरेंसिक टीम की छानबीन के दौरान तेजाब का डिब्बा रखने के अलग अलग स्थानों पर मिले निशान से पुलिस ने घर के अंदर छिपे राज को खंगाला और असली मुजरिम तक पहुंच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पाण्डेयखेड़ा गाव निवासी अमरनाथ यादव के पाच बच्चों में दोनों पुत्रियां बड़ी हैं, जबकि तीन बेटे छोटे। इसमें अमरनाथ ने बड़ी बेटी अंजू का विवाह वर्ष 2008 में शहर कोतवाली के गाव हुसैन नगर के मजरा जानकीखेड़ा निवासी राममूर्ति यादव के साथ किया था। शादी के कुछ साल बाद राममूर्ति खाड़ी देश कुवैत में कमाई करने चला गया। इधर अंजू के अकेले ही ससुराल में रह जाने के कारण उसने छोटी बहन संजू को भी अपने साथ जानकीखेड़ा में रख लिया और वहीं उसकी पढ़ाई भी शुरू करा दी। कुछ वर्षों बाद जब राममूर्ति कुवैत से वापस लौटा। इसके बाद उसकी लगातार संजू से नजदीकिया बढ़ने लगी। शुरुआत में तो यह नजदीकिया उसे नहीं समझ आयीं बाद में जब उसे इस बात एहसास हुआ तो मन ही मन चिंतित रहने लगी। बीती 31 जनवरी को राममूर्ति वापस लौटा, और एक दिन रुकने के बाद पिता के घर रह रही संजू को फिर से अपने घर ले आया। जिसके बाद से बड़ी बहन अंजू की परेशानी और बढ़ गई। एक सप्ताह पहले अंजू कुछ खरीदारी करने के लिए जानकीखेड़ा से उन्नाव आयी। जहा उसने 60 रुपये में तेजाब की एक शीशी खरीदी। उसे लेने के बाद पहले तो उसने तेजाब पीकर आत्महत्या करने का फैसला लिया, लेकिन बेटी आर्या और बेटे आर्यन का ख्याल आने के बाद उसने कदम पीछे खींच लिए। इसके बाद उसने संजू को ही रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। गुरुवार की सुबह घर में हुए हल्के मनमुटाव के बाद संजू को घर छोड़ आया। पीछे से अंजू भी मायके बच्चों को लेकर पहुंच गई। जहा रात उसने तय रणनीति के तहत तेजाब का डिब्बा अपने तख्त के नीचे रखा और सभी के सोने का इंतजार किया। जब सभी गहरी नींद में सो गए तो अंजू ने ही उठकर संजू के चेहरे पर तेजाब उड़ेल दिया। इसके बाद डिब्बा फेंका और संजू के चीखने चिल्लाने पर खुद ही शोर मचाकर बाइक से दो लोगों के भागने की बात कहने लगी।

तेजाब के डिब्बे में मिले अगुंलियों के निशान
थाना अचलगंज के अन्तर्गत गांव पाण्डेयखेड़ा मजरे पड़री निवासी अमरनाथ यादव उर्फ कल्लू यादव की 21 वर्षीय बेटी संजू पर बीते गुरुवार की रात लगभग साढ़े 11 बजे किसी ने तेजाब फेंक दिया। जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। इसमें उसके बगल में सो रही दादी और बहन का बेटा आर्यन भी आंशिक रूप से झुलसा। युवती पर तेजाब फेंकें जाने की घटना की सूचना जैसे ही आम हुई हड़कंप मच गया। मामले की गूंज राजधानी लखनऊ तक पहुंची। पुलिस संजू को कानपुर इलाज के लिए भेजने के बाद छानबीन में जुटी। शुरुआती जाच में डाग स्क्वायड ने पहला सुराग उस वक्त दिया जब वह संजू की चारपाई से चलकर उसकी बहन के तख्त पर रुका और फिर कुछ आगे बढ़ गया। इसके बाद अगले दिन लखनऊ से आयी विशेषज्ञों के साथ स्थानीय फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाने शुरू किए तो उन्हें उस तेजाब वाले डिब्बे को रखने के निशान उस तख्त के नीचे मिले जिसपर बड़ी बहन अंजू सोई थी। पुलिस का शक उसी जगह से यकीन में बदलने लगा। ग्रामीणों से बात में कुछ और सुराग मिले जिसमें अंजू के पति यानी अमरनाथ के बड़े दामाद की भूमिका कुछ संदिग्ध लगने लगी। शुक्रवार पुलिस ने पहले दामाद को उठाया और फिर स्वॉट टीम ने बड़ी बहन अंजू को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिसमें सारा सच सामने आ गया। प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने बताया कि पिता के संदेह पर उठाए गए दोनों युवकों को छोड़ दिया गया है। साथ अमरनाथ के दामाद राममूर्ति को भी छोड़ दिया गया है।

छोटी बहन ने अंजू को रास्ते से हटाने की कर ली थी तैयारी
पूंछताछ के दौरान अंजू ने बताया कि वह यह कदम न उठाती तो उसका घर तो बर्बाद हो ही रहा था साथ ही उसकी जान का खतरा भी बना हुआ था। अंजू ने पुलिस को बताया कि पिछले कुछ समय से पत्नी राममूर्ति और संजू से इन्हीं सबंधों के कारण आए दिन विवाद हो रहा था। तीनों के बीच अब कुछ भी छिपा नहीं था। इसी विवाद के बहनोई राममूर्ति के साथ मिलकर संजू अपनी बड़ी बहन को रास्ते से हटाने की योजना बना रही थी। अंजू का कहना था कि यदि वह यह न करती तो दोनों मिलकर उसकी हत्या कर देते।