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फैक्ट्री कर्मियों का होगा सत्यापन को आइजी ने दिए निर्देश

उन्नाव। लखनऊ में मारे गए आतंकी सैफउल्ला के चचेरे भाई को एनआइए की टीम ने हाईवे पर सिंगरोसी स्थित एक फैक्ट्री से पकड़ा था। इसके बाद लगातार एनआइए ने जिले में आतंकी के कनेक्शन की तलाश की। 
अपराध समीक्षा बैठक करने आए आइजी रेंज ने अपराधियों की पैठ को समाप्त करने के लिए किराएदारों और फैक्ट्री श्रमिकों का सत्यापन कराए जाने के निर्देश एसपी को दिए हैं। उनका मानना है कि सत्यापन से यह पता चल जाएगा कि कौन सा कर्मी किस जिले और स्टेट से आकर यहां काम कर रहा है। यदि कोई संदिग्ध नजर आया तो उसकी धड़पकड़ में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में आइजी सुजीत पांडेय ने मातहतों के साथ अपराध समीक्षा बैठक कर कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की। 
स्पष्ट तौर पर उन्होंने निर्देश दिए कि रोड होल्डप घटना किसी भी सूरत में न होने पाए। रात्रि गश्त में पुलिस किसी तरह की कोताही न बरते। पूर्व के ऐसे अपराधी जो पुलिस पकड़ से दूर हैं उन्हें गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए। लूट, चोरी की घटनाओं के साथ जहरखुरानी की घटनाओं को भी गंभीरता से लिया जाए। साइबर सेल को मजबूत कर साइबर क्राइम को रोकने में सफलता पाई जाए। पुलिस साइबर क्राइम की घटनाओं में रुचि नहीं लेती, जिससे यह तेजी से बढ़ रहा है। 
सर्वप्रथम इसके लिए जागरुकता अभियान चलाकर इससे बचने के लिए लोगों को जागरुक किया जाए। आइजी का सबसे प्रमुख मुद्दा सत्यापन का रहा। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री में काम करने वाले लोगों के साथ किराएदारों का सत्यापन जरूर करा लिया जाए। इंड्रस्ट्रियल एरिया में दूसरे स्टेट और जिलों के लोग काम कर रहे हैं। 
इन लोगों पर पुलिस की नजर नहीं जाती। पुलिस के बेखबर होने से यह चुपचाप घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना पुलिस के लिए मुश्किल खड़ी करते हैं। हर हाल में ऐसे लोगों का सत्यापन करा लिया जाए। लूट, चोरी और डकैती जैसी घटनाओं में अक्सर घूमंतू प्रजाति के लोगों का नाम सामने आता है। ऐसे में जिले में डेरा डालकर रहने वाले लोगों का भी सत्यापन कर उन पर नजर रखी जाए। इसके अलावा पाकिस्तान सेल के माध्यम से यहां आने और जाने वाले लोगों का भी वेरीफिकेशन समय-समय पर कराया जाए।
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