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पासपोर्ट को लेकर मुंशी ने मांगा नजराना

-न देने पर फाइल लटका कर पीड़ित को थाने से भगाया 
उन्नाव। पासपोर्ट को लेकर भले  ही सरकार ने पारदर्शिता बरतने के लिए आनलाइन प्रक्रिया शुरू कर दी हो। लेकिन पासपोर्ट से संबधित विभाग ऐसा नहीं होने देना चाहता हैं। इसका एक उदाहरण तब मिला। जब एक ग्रामीण को पुलिस कर्मियों ने
किसी कागज के अपूर्ण होने के नाम पर  थाने पर बुला लिया। जहाॅ पर पहुंचने पर पीड़ित को पता चला कि असल मामला पैसे न होने की कमी ही फाइल मे रह गई है। जिस पर आक्रोशित पीड़ित ने मामले को लेकर विधानसभाअध्यक्ष हदय नारायण दीक्षित के नाम एक शिकायती पत्र लिख कर अपना रोश व्यक्त किया। 
प्राप्त जानकारी के अनुसार रामनरेश पुत्र बालेश्वर निवासी छेदाखेड़ा पकराबुजुर्ग थाना बिहार ने गत माह पूर्व पासपोर्ट के लिए आनलाइन आवेदन किया था। जिसके बाद गत 17 मार्च को थाना बिहार से मुंशी का फोन आया कि उसका आवेदन अपूर्ण है। जिसके लिए वह थाना बिहार आ जाए। ताकि उसका आवेदन पूर्ण कर आगे के लिए भेजा जा सके। इस दौरान मामले से अनिभिज्ञ रामनरेश थाने जब पहुंचा तो मंुशी ने अपना रंग दिखाते हुए कहा कि वह जब तक चढ़ावा नहीं चढ़ाएगा, तब तक फाइल वह वहीं रखे रहेगा। जिस पर रामनरेश ने असमर्थता जाहिर की तो वह भड़क गया। उसने पीड़ित को हड़काते हुए कहा कि वह उसकी फाइल किसी भी सूरत मे पास नही करने देगा। जिस पर पीड़ित भयभीत हो गया। उसने मुंशी से अनुनय निवेदन किया तो वह अपशब्दों से उसे नवाजते हुए वहाॅ से भगा दिया। जिस पर आक्रोशित पीड़ित ने मामले को लेकर विधानसभाअध्यक्ष हदय नारायण दीक्षित के नाम एक शिकायती पत्र लिख कर अपना रोश व्यक्त किया। पीड़ित ने दोषी पुलिस कर्मी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कारवाई के लिए हदय नारायण दीक्षित को प्रार्थनापत्र दिया। जहाॅ उसने कारवाई की उम्मीद की है। देखना यह है कि विधाानसभा अध्यक्ष हदय नारायण दीक्षित क्या न्यायगत कारवाई करेंगे या फिर अन्य नेताओं की तरह उसे टारने का प्रयास करेंगे।