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सूदखोरो से त्रस्त किसान कर रहे खुदकुशी

-सूदखोरो की धमकी से परेशान किसान ने गोली मार की आत्महत्या
उन्नाव। जनपद में सूदखोरो का आतंक इतना ज्यादा है कि ब्याज न देने पर सूदखोर सबकुछ बिकवा देने की धमकी देते हैं।
जिसके चलते गुरूवार को बाॅगरमऊ कोतवाली अन्तर्गत रहने वाले किसान ने कर्जदारों से ऊब कर  गोली मार कर आत्महत्या कर ली। जिसकी जानकारी होने पर पुलिस व प्रशासकीय विभाग में हड़कम्प मच गया। शव को कब्जें में लेकर परीक्षण के लिए पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। गत मंगलवार को बारा थाना क्षेत्र में रहने वाले किसान ने सूदखोरो से तंग आकर फाॅसी लगा कर जान दे दी थी। 
प्राप्त जानकारी के  अनुसार  कोतवाली बाॅगरमउ के ग्राम बल्लापुर के निवासी मुनेश्वर सिंह 70 पुत्र होरी लाल के ऊपर बैंक व सूदखोंरो का कर्ज था। लगातार बढ़ते ब्याज तथा सूदखोरों को ब्याज न चुका पाने तथा बैंको व सूदखोरो के बढ़ते दबाव के चलते किसान ने सीने में तमंचे से गोली मार ली। फायर की आवाज सुन परिजन व आसपड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे। जहाॅ मुनेश्वर सिंह खून से लथपथ पड़े थे। परिजन उपचार के लिए उसे स्वास्थ्य केंद्र ले गए। किंतु रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिसके बाद घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। किसान के द्वारा की गई आत्महत्या की जानकारी पर पुलिस बल मौके पर जा पहुंचा। जहाॅ घटना के बारे में पूछंताछ की गई। परिजनो के अनुसार किसान ने एक निजी बैंक मैंग्ना से कई लाख रूपए का लोन लिया था। किसान ने लाखो रूपया बैंक को वापिस किया। एक लाख सत्तर हजार रूपए किसान को मय ब्याज के अदा करना शेष रह गया था। जिसके लिए बैंक लगातार दबाव बना रही थी। जिस पर मुनेश्वर सिंह ने गांव के ही कई सूदखोरोे से ब्याज पर रूपए लेकर बैंक को दिया था। 26मार्च को किसान द्वारा बैंक को पूरा भुगतान किए जाने का समय दिया गया था। बावजूद इसके बैंक कर्मचारी 26मार्च से पूर्व ही 20मार्च को मुनेश्वर सिंह के घर पहुंचे। जहाॅ किसान को धमका कर बैंक में रूपए जमा कराने की बात कही। अन्यथा खेत व घर नीलाम कर दिए जाने की धमकी दी। बैंक के कर्मचारियों द्वारा घर आकर धमकी दिए जाने से आहत किसान ने गोली मार कर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। 
ज्ञात हो कि बीते मंगलवार को किसान ने सूदखोरो से तंग आकर फांसी लगा कर जान दे दी थी। बारासगवर थाना क्षेत्र के धानीखेड़ा निवासी नन्हू (22) पुत्र मुन्नू मजदूरी कर परिवार का गुजारा चलाता था। उसकी माली हालत इतनी खराब थी कि परिवार चलाने के लिए उसे सूदखोरों से कर्ज लेना पड़ गया। कर्ज अदायगी में वक्त लगा तो सूदखोंरों का ब्याज बढ़ता गया, वह जितना कमाता सूदखोर उससे ले लेते। गांव में चर्चा है कि कुछ दिन से सूदखोर उस पर कर्ज चुकाने का दबाव बना रहे थे जिससे परेशान होकर नन्हू ने गत मंगलवार की देर शाम  को घर से 500 मीटर दूरी पर पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। उसे फंदे से लटका देख गांव में अफरातफरी मच गई। मामले को दबाने के लिए सूदखोरों ने गांव के कुछ लोगों की मदद से शव का अंतिम संस्कार करा दिया। बाद में ग्रामीणों के बीच से उठी चर्चा एक गांव से दूसरे गांव में पहुंची और घटना की परतें खुलकर सामने आ गईं। मजदूरी के सहारे ही उसका गुजारा होता था। 
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