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उपेक्षा के शिकार होमगार्डो को भी मिलेगीं मूलभूत सुविधाए

उन्नाव। सरकार अब तक अपनी सभी महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश देती थी। सिवाय महिला होमगार्ड के। अभी तक प्रसव अवकाश लेने पर ड्यूटी दिवस कम दिए जाते थे, जिसके चलते इन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। लंबे समय से होमगार्ड माताएं इसके लिए संघर्ष कर रहीं थी। एक बार फिर महिला होमगार्डों ने अपनी शक्ति का एहसास कराया। सरकार ने अब उनकी सुन भी ली है और जल्दी उन्हें मातृत्व अवकाश की सौगात मिलेगी।
पुलिस के बराबर मेहनत करने वाला होमगार्ड हर वक्त खुद को उपेक्षित महसूस करता था। खासकर महिला होमगार्डों को सर्वाधिक कठिनाइयों से गुजरना पड़ता था। प्रसव के समय इन होमगार्डों को किसी तरह का अवकाश नहीं मिलता था। इन विषम परिस्थतियों में वह ड्यूटी पर नहीं गई तो उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ता था। लंबे समय से मातृत्व अवकाश के लिए होमगार्ड महिलाएं संघर्षरत थीं, वर्तमान सरकार में भी उन्होंने अपनी आवाज उठायी। हाल ही में सरकार ने उनकी इस मांग पर विचार कर लिया है। जल्द ही महिलाओं को मातृत्व अवकाश मिलेगा। जिससे उन्हें आर्थिक संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। इसके साथ ही अब सभी होमगार्ड के वेतन भत्ते में भी बढ़ोत्तरी होगी। अब राज्यों में होमगार्ड को समान वेतन ही दिया जाएगा।
कड़ी धूप हो या भीषण गलन, होमगार्ड अपने कर्तव्यों का निष्ठा से पालन करता है। इस दौरान एक दिन का भी अवकाश न मिलने से वह डिप्रेशन का शिकार होता था। होमगार्डों की इस समस्या को देखते हुए अब उन्हें सप्ताह में एक दिन का अवकाश देने की रूपरेखा बनाई गई। सीओ होमगार्ड वीर ¨सह ने बताया कि हाल ही में लखनऊ में हुई बैठक के बाद सभी जिलों के कप्तान को डीजीपी होमगार्ड द्वारा इसके लिए पत्र लिखा गया है।
सभी थानों मे बैरक होने से होमगार्डों को मिलेगी सहूलियत 
अभी तक होमगार्डों को थाना में रुकने की कोई जगह नहीं थी, जिससे उन्हें रोजाना कोसों दूरी का सफर तय कर घर जाना पड़ता था। सीओ होमगार्ड वीर ¨सह ने बताया कि अब होमगार्ड के लिए थाना में ही बैरक बनाई जाएगी। बैरक बनने के बाद होमगार्डों की रोजाना की भागदौड़ और ठहराव की समस्या समाप्त हो जाएगी।