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किसानो की समस्याओ को लेकर किसान दिवस माह का आयोजन

उन्नाव। शहर मे किसान दिवस का आयोजन विकास भवन सभागार में किया गया। किसान दिवस मे ंसभी विकासखंडा के लगभग 48 किसानों ने भाग लिया। किसान दिवस मे टीके शिबु मुख्य विकास अधिकारी, डा नन्द किशोर उप कृषि निदेशक जिला विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी जिला कृषि रक्षा अधिकारी डीडीएम नाबार्ड अधिशाषी अभियंता विद्युत सिंचाई मत्स्य भूमि संरक्षण अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कृषको को विभागीय योजनाओ की जानकारी दी। 
मुख्य विकास अधिकारी ने विभागावार योजनाओ की समीक्षा की एंव कृषको की समस्याओ के समाधान के लिए उपस्थिित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे कृषको की समस्याओं का सामधान अतिशीघ्र कराके कृषको को सूचित भी कर दें। उन्होने कृषको को संबोधित करते हुए कहा कि किसान अपनी भूमि मे धान की खेती के साथ साथ प्रत्येक वर्ष गोबर या ढैंचा हरी खाद का प्रयोग अवश्य करे। जिससे खेतो मे जीवंाश्म बढ़ाने के लिए खेतो में फसलों के अवशेष जलाने से परहेज करे। क्योंकि इससे खेतो की क्षमता का नुक्सान के साथ साथ मानवीय रूप से भी क्षति पहुंचती है। उन्होने खेतों का पानी खेतो मे ंऔर गांव का पानी गांव मे संरक्षित करने के लिए तालाब विकसित करने के लिए भी कहा। जिला विपणन अधिकारी ने बताय कि सरकार की ओर से गेंहू का समर्थन मूल्य 1735 प्रति कु निर्धारित कर दिया गया है। किसानो से कहा कि वे अपनी फसल सरकारी क्रय के्रदों में जाकर बेंचे और इसके साथ मे क्रय केंद्रो  में दस रूपए उतराई व चढ़ाई में लगेगें। जिसकी प्रतिपूर्ति किसानो को कर दी जाएगी। किसाने इसके लिए अपना पंजीकरण समय रहते करा ले। 
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने किसानो से कहा कि खुरपका मुंहपका  व अन्य बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान में सम्मिलित होकर टीकाकरण कराने की सलाह जरूरी है। वहीं उप कृषि निदेशक ने सभी किसानो से कहा कि सभी किसान सरकार की योजनाओ का लाभ लेने के लिए अपना पंजकरण अवश्य कराले। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड बनवाना अनिवार्य है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड सभी किसानो को वितरित किए जा रहा है। इसके अनुसार किसान संतुलित मात्रा में उर्वरक का प्रयोग करें और खेत में गोबर की खाद व ढैंचा की हरी खाद का प्रयोग अवश्य करें। उन्होने कृषको को उन्नत प्रजाति के बीज राजकीय कृषि बीज भडार से लेकर बोने की सलाह दी। जिसका अनुदान किसानों को डीबीटी के माध्यम से किया जाएगा।