Ad

ads ads

Breaking News

जूते व बैग सप्लाई करने के नाम पर करोड़ों की ठगी

कानपुर। फर्जी आइएएस व यूपीएसआइडीसी अधिकारी बन शातिरों के गिरोह ने एक्सपोर्टर व ठेकेदारों को करोड़ों रुपयों का चूना लगा दिया। शातिरों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद में स्कूली जूते, बैग व स्वेटर सप्लाई करने के नाम पर फर्जी वर्क आर्डर थमाकर तैयार माल ले लिया। जब भुगतान दो माह तक लटका रहा तब जाकर एक्सपोर्टर व ठेकेदार को पूरे मामले की सच्चाई समझ में आई। एसएसपी अखिलेश कुमार से शिकायत पर चकेरी पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्जकर तीन शातिरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस लखनऊ स्थित गोदाम में रखे पीड़ितों के माल को बरामद करने में जुटी है।
जाजमऊ सरैया निवासी अलबासित एक्सम एक्सपोर्टर के मालिक फैसल आफताब लारी जूते व लेदर के सामान बेचने का काम करते हैं। उनके पार्टनर बर्रा निवासी गौरव राजपूत व अजय राजपूत की राजपूत कंस्ट्रक्शन सरकारी विभागों में सप्लाई का काम करती है। बीते साल अप्रैल माह में दोनों की मुलाकात पनकी गंगागंज निवासी राकेश व सचिन से हुई। उन्होंने खुद को यूपीएसआइडीसी में डिप्टी मैनेजर बताया। उन लोगों ने माध्यमिक शिक्षा परिषद में मिड-डे मील, जूते, बैग व स्वेटर सप्लाई का काम दिलाने का आश्वासन दिया। करीब 18 करोड़ रुपये की सप्लाई का टेंडर दिलाने की बात कहते हुए देवनगर रायपुरवा निवासी आशीष यादव से मिलवाया। आशीष खुद को आइएएस अधिकारी व शिक्षा परिषद में बड़े पद पर बताता था। पंजीकरण व वर्क आर्डर के नाम पर उन लोगों ने करीब 60 लाख रुपये ले लिए और लखनऊ स्थित जवाहर भवन में बुलाया। यहा पर 17 वर्क आर्डर व दो माध्यमिक शिक्षा परिषद के पंजीकरण प्रमाण पत्र दिए। साथ ही परिषद में प्रोजेक्ट मैनेजर बताने वाले आरके मिश्र, तक्षक शुक्ला, राहुल व विनोद सिंह से परिचय कराते हुए दो माह के अंदर सारी सप्लाई की बात कही गई। इसके बाद 13 ट्रकों से उन लोगों ने करीब एक लाख जूते व मोजे नवंबर माह में लखनऊ भेजे। उन लोगों ने लखनऊ के एक गोदाम में सारा माल रखवाते हुए कहा कि यह परिषद का गोदाम है। भेजा गया माल करीब चार करोड़ रुपये का था, जिसे भेजने में करीब पाच लाख रुपये खर्च हुए। उनके मोबाइल पर माल मिलने का मैसेज भी आ गया। इसके बाद करीब दो माह तक भुगतान नहीं हुआ तो उन लोगों को शक हुआ। भुगतान मागने पर उन लोगों को धमकाया जाने लगा। जानकारी करने पर पता चला कि पंजीकरण व वर्क आर्डर सब फर्जी है। सीओ कैंट अजीत चौहान ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। आशीष, रमेश व सचिन पकड़ में आए हैं। पुलिस टीम लखनऊ में है, जल्द माल बरामद कर अन्य कार्रवाई होगी।
गेस्ट हाउस व बापू भवन में मिलते थे शातिर
पीड़ितों को लेकर शातिर जवाहर भवन के साथ ही सचिवालय के बापू भवन भी जाते थे। यहा पर कई परिचित कर्मचारी उन लोगों के थे। ये लोग बातचीत करने के साथ कुछ कागजात भी देते थे। इससे उन लोगों को विश्वास हो गया कि इनका यहा संपर्क है। शातिर लखनऊ के एक गेस्ट हाउस में बैठक करते थे और किसी सरकारी अधिकारी की तरह ठाठ से रहते थे।

No comments