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चीन ने फिर डोकलाम को बताया अपना हिस्सा

DESK - भारत और चीन के बीच
दरअसल हाल ही में गौतम बंबावले ने एक चीन अखबार को इंटरव्‍यू दिया।  जिसमें उन्‍होंने डोकलाम में चीनी सेना की गतिविधियों को खारिज करते हुए कहा कि गतिरोध क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्‍होंने इंटरव्‍यू में कहा कि डोकलाम में फिलहाल कोई गतिरोध नहीं है।  वहां स्थिति सामान्‍य है। चीन ने यथास्थिति बदलने का प्रयास किया था। जिससे यह गतिरोध उत्‍पन्‍ना हुआ था।

ज्ञात हो कि चीन ने डोकलाम में सड़क निर्माण की प्रक्रिया रोकने पर रजामंदी जताई  इसके बाद 73 दिनों तक भारतीय और चीनी सेना के बीच चला गतिरोध पिछले साल 28 अगस्‍त को समाप्‍त हो गया था। तब दोनों देशों की सेनाओं ने पीछे हटने पर सहमति जताई थी। लेकिन इसके बावजूद ऐसी खबरें आती रहती हैं कि चीन डोकलाम के आसपास अपनी सैन्‍य गतिविधियों को तेज कर रहा है। पिछले दिनों आईं कुछ खबरों के मुताबिक चीन ने डोकलाम में हेलिपैड भी बना लिए हैं। लेकिन ऐसी खबरों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
डोकलाम जैसे हालात से निपटने को तैयार है भारत रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी आज डोकलाम पर चीन को करारा जवाब दिया। उन्‍होंने कहा कि भारतीय सेना का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और देश डोकलाम में किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार है। देहरादून में भारतीय सैन्य अकादमी और राष्‍ट्रीय रक्षा अकादमी में उत्तराखंड से चयनित युवाओं को सम्मानित करने के बाद उन्हें संबोधित करते हुए निर्मला ने कहा कि आने वाले समय में आप सभी एक अत्याधुनिक सेना का हिस्सा बनने जा रहे है। आर्मी नेवी तथा एअर फोर्स को आधुनिक बनाने के लिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बहुत.सी नई पहल की जा रही है।
डोकलाम सीमा विवाद को लेकर चर्चा फिर गर्म है। चीन में भारत के राजदूत गौतम बंबावले के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन ने दावा किया कि डोकलाम उसका है। साथ ही चीन की ओर से कहा गया कि भारत को डोकलाम पर पिछले दिनों हुए गतिरोध से सबक लेना चाहिए।चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हू चुनयिंग ने कहा डोकलाम चीन का हिस्‍सा है क्योंकि हमारे पास इसकी ऐतिहासिक संधिपत्र हैं। उन्होंने कहा चीन की गतिविधियां हमारे सार्वभौमिक अधिकारों के भीतर हैं। यथास्थिति को बदलने जैसी कोई चीज नहीं है। पिछले साल हमारे ठोस प्रयासों और हमारी बुद्धि के लिए धन्यवाद हमने इस मुद्दे को ठीक से हल किया था। हमें उम्मीद है कि भारतीय पक्ष इससे कुछ सबक सीख सकता है।