Ad

ads ads

Breaking News

नमामि गंगे अभियान कागजो में सिमटा, कार्यकर्ताओं में रोश व्याप्त

उन्नाव। नमामि गंगे के अंतर्गत होने वाला सफाई कार्य भाजपा कार्यकर्ताओं के श्रमदान से और निबंध प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक जैसे कागजों पर होने वाले कार्य के माध्यम से सरकार की दोहरी नीति से भाजपा कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है। गंगा स्वच्छता पखवाड़ा उत्तर प्रदेश के अंतर्गत होने वाले कार्यक्रम के विषय में जानकारी देने के लिए कलेक्टर स्थित पन्नालाल हॉल में बैठक बुलाई गई थी। लेकिन यह बैठक कागजों में ही होकर रह गई। जिससे बैठक में शामिल होने आए नमामि गंगा के जिला कार्यकर्ताओं में आक्रोश व्याप्त है।
इन कंपास इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड का कोई भी पदाधिकारी नहीं आया
भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना था कि आज होने वाली बैठक में छळव् की तरफ से उनका कोई भी पदाधिकारी नहीं आया। आया तो केवल छळव् का लंच पैकेट। जब शुरुआत में ही इतनी बड़ी लापरवाही तो इसका अंजाम क्या होगा। इस पर नमामि गंगे से जुड़े कार्यकर्ता प्रश्न उठा रहे है। बैठक ही नहीं पत्रकारों से बातचीत भी नहीं हुई प्रेस नोट बंद कर पत्रकारों के हाथ में आ गया जिसमें बताया गया की गंगा स्वच्छता पखवाड़े के अंतर्गत 6 दिनों तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रेस नोट में शामिल नमामि गंगे के अंतर्गत जिले के प्रमुख लोगों के भी नाम शामिल हैं। जो इस तरह की किसी बैठक से ही इनकार कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री की महत्वकांक्षी योजनाओं में एक है नमामि गंगा
नमामि गंगे के क्षेत्रीय संयोजक आशुतोष दीक्षित ने पत्रिका से बातचीत के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री कि महत्वाकांक्षी योजनाओं में से नमामि गंगे है। जिस की गंभीरता इस बात से पता चलती है कि प्रधानमंत्री ने विभाग का मंत्री भी बदल दिया। अब यह विभाग उमा भारती के पास से हटकर अपने कार्यों के लिए जाने जाने वाले नितिन गडकरी के पास है। उन्होंने बताया कि नमामि गंगे के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण बैठक कलेक्ट्रेट के पन्नालाल हाल में बुलाई गई थी। पता नहीं किन कारणों से यह बैठक नहीं हो पाई। गंगा को स्वच्छ करने के लिए छळव् के माध्यम से कई करोड़ों रुपए आवंटित किया गया है। परंतु जब अभी आपसी तालमेल ना होने के कारण जब बैठक सुनिश्चित नहीं हो पा रही। फिर आगे जाकर किस प्रकार से क्रियान्वन होगा। इस पर संदेह है। कार्यकर्ताओं के अंदर इस बात की विशेष टीस है।
-----------------

No comments