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10 रुपये में निपट जाएगा लंबा मामला

उन्नाव। 
स्टांप चोरी में फंसे भूमि व भवन स्वामियों को शासन से बड़ी राहत मिली है, लेकिन सीमित समय के लिए। इस अवधि में उन्हें लाखों रुपये का जुर्माना मात्र दस रुपये अदा करके माफ हो सकता है। सरकार के इस फैसले से जिले के करीब दो सैकड़ा से अधिक लोग लाभान्वित होंगे। दूसरी तरफ वर्षों तक लटका रहने वाला सरकार का राजस्व भी उसके खाते में पहुंच जाएगा। साथ ही न्यायालयों में ऐसे मामलों की पत्रावलियां भी कुछ ही समय में निस्तारित हो जाएंगी।
जमीन, मकान, दुकान, प्लाट आदि संपत्ति की रजिस्ट्री कराते वक्त स्टांप की कमी अक्सर क्रेता को महंगी पड़ जाती है। उसे स्टाप चोरी का दोषी माना जाता है और उससे दस गुना तक जुर्माना वसूल किया जाता है। ऐसे मामलों की अक्सर डीएम और एडीएम न्यायालय में लंबी फेहरिस्त होती है। प्रदेश शासन ने ऐसे मामलों की संख्या कम करने के साथ उनके निस्तारण पर गंभीरता तो दिखाई है साथ ही क्रेताओं की सुविधा को भी प्राथमिकता दी है। शासन ने इसके लिए लोक अदालत में जाने वाले प्रकरणों को फिलहाल शामिल किया है। जिसमें योजना के तहत स्टांप चोरी के दोषी पाए गए लोग अब कम पाए गए स्टांप का पैसा, नियमानुसार ब्याज अदाकर अपने वादों का निस्तारण कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्हें मात्र 10 रुपये का प्रतीकात्मक आर्थिक दंड देना होगा। यह सुविधा फिलहाल 31 मार्च 2018 तक के लिए ही शुरू की गई है। इसी अवधि में उन्हें निर्धारित धनराशि जमा करके मुकदमें और अर्थदंड से छुटकारा मिल सकेगा।