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नातिन के मुंडन संस्कार को जा रही दादी सहित तीन की मौत, अन्य गंभीर







उन्नाव। थाना माखी अन्तर्गत चकलवंशी मियागंज मार्ग पर मेथीटीकुर नहर के पास अचानक बाइक सवार के सामने आने पर लोडर चालक रवींद्र (40) पुत्र चंदू निवासी खोखापुर सफीपुर स्टेयरिंग  से नियंत्रण खो बैठा और सामने से आ रहे ट्रक से सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप लोडर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें बैठे लोग उसी में बुरी तरह दब गए।  हादसें में मुंडन कराने जा रहे पिकअप सवार तीन महिलाओं की मौत हो गई। बच्चों, महिलाओं सहित लगभग डेढ़ दर्जन लोग घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। जहाॅ लगभग एक दर्जन लोगों की हालत नाजुक देख चिकित्सकों ने कानपुर हैलट रेफर कर दिया। हादसे की सूचना पर सदर, सफीपुर व बागंरमऊ विधायक तथा जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित तमाम व पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी जिला अस्पताल पहुंचे।

वही कानपुर में इलाज कराने के दौरान राम रानी पत्नी रामकुमार की भी मौत हो गई ।

प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनेश पुत्र राधेलाल निवासी सदमपुर थाना सफीपुर की माॅ सोनेश्वरी पत्नी राधेलाल ने जिला बाराबंकी के लोधेश्वर में नातिन खुशबू पुत्री दिनेश के मुंडन को लेकर मनौती मानी थी। जिसके लिए दिनेश के पिता राधेलाल ने पड़ोसी गांव खोखापुर से पिकअप कर रिश्तेदारो को साथ ले बिठूर में गंगा स्नान कर बाराबंकी के लोधेश्वर जा रहे थे। 
इसी बीच थाना माखी अन्तर्गत चकलवंशी मियागंज मार्ग पर मेथीटीकुर नहर के पास अचानक बाइक सवार के सामने आने पर लोडर चालक रवींद्र (40) पुत्र चंदू निवासी खोखापुर सफीपुर स्टेयरिंग  से नियंत्रण खो बैठा और सामने से आ रहे ट्रक से सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप लोडर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। उसमें बैठे लोग उसी में बुरी तरह दब गए।  पिकअप उछल कर सड़क किनारे खंती में जा गिरा। 

दुर्घटना की सूचना पर पहुंचे पिकेट ड्यूटी के सिपाहियों और राहगीरों ने 100 नंबर पर सूचना दी। जिस पर सूचना मिलने पर पुलिस और सफीपुर विधायक बंबालाल ने सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। जहा बुधाना 56 पत्नी बुद्धीलाल, सन्तोषी  30 पत्नी घनश्याम और सोनेस्वरी 58 पत्नी राधेलाल को मृत घोषित कर दिया। वहीं अन्य का इलाज शुरू कर दिया। 
जिससे पिकअप में बैठी खुशबू की दादी सोनेश्वरी पत्नी राधेलाल, नन्हकी पत्नी सोनेलाल, बुधाना पत्नी बुद्धीलाल की मौके पर ही मौत हो गईं। वहीं अन्य घायलों में खुशबू पुत्री दिनेश, दिनेश पुत्र राधेलाल, अनीता पत्नी दिनेश, शांति पत्नी सजीवन, नन्हकी पत्नी नवाजी, सुशीला पत्नी चंद्रपाल, भानुमती पत्नी रघुराज, दिनेश की साली सोनी पत्नी सोनू, सरला पत्नी बेचेंलाल पंकज पुत्र बेचेंलाल,गुड्डी पत्नी रामबरन, अजय पुत्र नरेश, आशमी पुत्र गोविंद, शिवदेवी पत्नी गुड्डू पायल पुत्री गुड्डू सुनीता पत्नी मदन, शिवदेवी पत्नी राजेन्द्र, महक व अशिंका पुत्रीगण मदन, गुड्डू पुत्र नन्हका, रामेंन्द्र पुत्र चन्द्री, नीलम पत्नी राजेश, रेनू पत्नी पप्पू, किशनादेवी पत्नी रामबालक, मिट्ठु पुत्री पप्पू, रामरानी पत्नी रामकुमार, रानी पत्नी सियाराम, शांती पत्नी सजीवन, नन्हकी पत्नी नेवाजी सुशीला पत्नी चन्द्रपाल शिवदेवी पत्नी राजेन्द्र, अजय पुत्र नरेश, आजाद पुत्र मोती, पंकज पुत्र बेंचेलाल सहित पिकअप में बैठे 32 बच्चों व उनके परिजनों को जिला अस्पताल लाया गया। जहाॅ उनकी हालत नाजुक देख आनन फानन इलाज शुरू कर दिया गया। वही ग्यारह लोगों में खुशबू पुत्री दिनेश, सरला पत्नी बेचेलाल, पंकज पुत्र बेचेलाल,  गुडृडी पत्नी रामबरन, अजय पुत्र नरेश, आसमी पुत्री गोविन्द, शिवदेवी पत्नी गुड्डू , पायल पुत्री गुड्डू, सुनीता पत्नी मदन व  अशिंका पुत्री मदन को कानपुर रेफर कर दिया गया। 
वही कानपुर में इलाज कराने के दौरान राम रानी पत्नी रामकुमार की भी मौत हो गई ।
जिला अस्पताल में बेड पडे़ कम
मेथी टीकुर के पास हुए दर्दनाक हादसे के चलते घायलों की सख्या के बढ़ जाने से जिला अस्पताल में बेडों की संख्या कम पड़ गई। हालाकिं घटना की जानकारी होते ही अस्पताल प्रशासन ने पहले से मौजूद अन्य मरीजों में गंभीर मरीजों को छोड़ अन्य को अस्पताल के अन्य वार्ड में सिफ्ट कर दिया था। जिसके चलते ज्यादा परेशानी नहीं हुई।
जिला अस्पताल जब दहल उठा हृदय विदारक चीखों से
दर्दनाक हादसे में सहमे परिजनों में जब तीन मौतों को लेकर जानकारी हुई तो वे चीख पडे़। सोनेश्वरी को सड़क हादसे में खो चुके राधेलाल फफक कर रो पड़े। वहीं लोधेश्वर की यात्रा में परिजनों के साथ जा रहे 16 नौनिहालों में असंमजस भरा माहौल भी देखा जा सकता था। महक, पायल अशिंका सहित तमाम बेड पर घायल पड़े बच्चें रोते हुए माता पिता को पुकार रहे थे। वहीं दूसरी तरफ बेडों पर बेहोश पडे़ उनके माता पिता को देख किसी की भी आंखें द्रवित हो उठ रही थी। 
सदर, सफीपुर व बांगरमऊ विधायक व अन्य पहुंचे जिला अस्पताल
सदर विधायक पंकज गुप्ता, सफीपुर विधायक बम्बालाल दिवाकर, व बांगरमऊ विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, जिलाधिकारी रविकुमार एनजी, पुलिस अधीक्षक पुष्पाजंलि देवी, व अन्य प्रशासनिक अधिकारी व  गणमान्य नेतागण मौके पर जिला अस्पताल पहुंच पीड़ितों को मदद का भरोंसा दिया। 
खूनी सड़क के नाम से विख्यात होते  जा रहे मार्ग
चकलवशीं से मियागंज, बांगरमऊ से उन्नाव खूनी मार्ग से कम नहीं जाने जा सकते है। इन मार्गो पर आए दिन कोई न कोई भयावह हादसा मुह बाएं खड़ा मिलता है। जिसके बावजूद प्रशासन ने आजतक हादसों को रोकने के लिए किसी प्रकार के कारागार उपाय नहीं कर सका है। बीते दिवस अकेले एक सप्ताह में ही हादसों को अवलोकन किया जाए तो शहर से बांगरमऊ के बीच मामूली व गंभीर दोनोको जोड़ कर देखने पर करीब 10 से 12 सड़क हादसे हुए। जिनमें एकाध को छोड़ कर अधिंकाश सभी हादसों के मुख्य कारण मार्ग का संकरा होना, पुलिया टूटी होना, सड़क में जगह जगह गड्डों से युक्त होना भी है।