लोकसभा-2019

भारतीय सेना को मोदी सेना कहना पड़ा भारी

डेस्क। भारतीय सेना को मोदी की सेना कहना भारी पड़ता दिख रहा है। उक्त कथन के बाद तीनों सेनाओं के आठ पूर्व प्रमुखों समेत 150 से अधिक सेना के पूर्व अफसरों ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखकर सेना के राजनीतिकरण पर नाराजगी जाहिर की है। चिट्ठी में कहा गया है कि श्सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर राजनेता श्रेय ले रहे हैं और सेना को मोदी जी की सेना कहा जा रहा है। यह बेहद गलत व दुर्भाग्यपूर्ण माना जा सकता है।
वहीं चिट्ठी में कहा गया है कि चुनाव प्रचार में सेना की वर्दी का इस्तेमाल और पोस्टरों में सैनिकों की तस्वीरों, खासकर वायु सेना के विंग गमांडर अभिनंदन की तस्वीरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पर चेतावनी भी दी गई लेकिन हमें अफसोस है कि इन कार्यवाहियों से नेताओं के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया है। सैन्य अधिकारियों ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा और एकता के लिए खतरा बताया है और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सेना के सेक्युलर और अराजनीतिक चरित्र को बरकरार रखने की अपील की है। पूर्व जनरल वीके सिंह के अनुसार अगर कोई कहता है कि भारत की सेना मोदी जी की सेना है तो वो गलत ही नहीं है, बल्कि उसे देशद्रोह के रूप में लिया जाना चाहिए।

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