लोकसभा-2019

अचानक रेड को लेकर घिरी भाजपा, नहीं मिला कुछ भी

डेस्क। आयकर विभाग द्वारा कक्कड़ के इंदौर स्थित घर में सात अप्रैल को तड़के सवा तीन बजे रेड मारने की सूचना प्राप्त हुई। उस समय कक्कड़ व उनका परिवार सो रहा था। उस समय तभी उनके घर के दो दरवाज़े तोड़ आईटी डिपार्टमेंट के अधिकारी घुस गए और घर की तलाशी ली। मामले को लेकर चारों तरफ खबर फैल गई। जिसके बाद आयकर विभाग की इस छापेमारी के बाद प्रदेश में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी आक्रामक हो गई और मुख्यमंत्री कमलनाथ पर भ्रष्टाचार को संरक्षण देने का आरोप लगाया। विपक्ष ने आक्रामक रुख अपनाते हुए कहा कि आखिर प्रवीण कक्कड़ के घर से आयकर विभाग ने क्या ज़ब्त किया?
बताते चले कि बीते दिवस आठ अप्रैल की रात नौ बजकर 23 मिनट पर इनकम टैक्स इंडिया ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर मामले की सूचना दी। जिसके बाद मध्य प्रदेश में हुई छापेमारी में संगठित अवैध धंधा सामने आया है। राजनीति, कारोबार और सरकारी सेवा से जुड़े अलग-अलग व्यक्तियों के पास से क़रीब 281 करोड़ रुपए बरामद किए गए हैं जिनका कोई हिसाब नहीं है। यहॉ सबसे दिलचस्प तो यह है कि आयकर विभाग की कारवाई से क़रीब दस घंटे पहले मध्य प्रदेश में बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय ने एक ट्वीट किया था। जिस ट्वीट में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मप्र मे तबादला एक्सप्रेस पटरी से उतरने के कारण दुर्घटनाग्रस्त जान का कोई नुक़सान नहीं लेकिन 281 करोड़ के माल के नुक़सान का अनुमान। विजयवर्गीय के इस ट्वीट को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के आधिकारिक बयान से पहले कैलाश विजयवर्गीय को 281 करोड़ का आँकड़ा कहां से मिला? वहीं कांग्रेस का कहना है कि विजयवर्गीय के ट्वीट से साफ़ है कि यह रेड केंद्र सरकार के इशारे पर राजनीति से प्रेरित है। वहीं कांग्रेसी नेताओं ने आरोप लगाते हुए बताया कि प्रवीण कक्कड़ के घर से आयकर विभाग के अधिकारी क्या लेकर गए? कक्कड़ ने कहा कि उनके घर से वो कुछ भी नहीं लेकर गए। न कोई नक़दी ले गए और न ही ज्वेलरी ही। उन्हें कोई नक़दी नहीं मिली थी। और तो और उन्हे जो ज्वेलरी मिली उसके भी हिसाब थे। हमारे पास कुछ भी बेहिसाब नहीं था। हमने सबके दस्तावेज़ दिखाए हैं। वहीं प्रवीण कक्कड़ ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक याचिका दाख़लि की है कि उनके घर में आयकर विभाग ने उन्हें अपमानित करने के लिए रेड मारी है और यह राजनीति से प्रेरित है। जिसके बाद फिलहाल हाईकोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार कर लिया है और कक्कड़ की तरफ़ से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल कोर्ट में दलील देंगे।
बताते चले कि प्रवीण कक्कड़ के बेटे का मध्य प्रदेश में बड़ा कारोबार है। वो सिक्यॉरिटी गार्ड एजेंसी, तीर्थाटन और कंप्यूटर से जुड़े कारोबार करते हैं। इसके साथ ही कक्कड़ परिवार की बड़ी कमाई प्रॉपर्टी के रेंट से भी है। कक्कड़ का कहना है कि इंदौर संभाग में आयकर विभाग ने उन्हें सबसे ज़्यादा कर चुकाने के लिए सम्मानित भी किया है।

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